ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1276, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंवेगों को पराजित करके तथा जल के विजयी बनकर पिओ. (६) श्यावाश्वस्य सुन्वतस्था शृणु यथाशृणोरत्रेः कर्माणि कृण्वतः. प्र त्रसदस्युमाविथ त्वमेक इन्नृषाह्य इन्द्र ब्रह्माणि वर्धयन्.. (७) हे इंद्र! तुमने जिस प्रकार अत्रि की स्तुतियां सुनी थीं, उसी प्रकार सोमरस निचोड़ने वाले तथा यज्ञकर्म करने वाले मुझ श्यावाश्व ऋषि की स्तुतियों को भी सुनो. हे इंद्र! तुमने अकेले ही स्तुतियों को बढ़ाते हुए युद्ध में त्रसदस्यु की रक्षा की थी. (७) सूक्त—३७ देवता—इंद्र प्रेदं ब्रह्म वृत्रतूर्येष्वाविथ प्र सुन्वतः शचीपत इन्द्र विश्वाभिरूतिभिः. माध्यन्दिनस्य सवनस्य वृत्रहन्ननेद्य पिबा सोमस्य वज्रिवः.. (१) हे शक्तिशाली इंद्र! युद्ध में तुम समस्त रक्षासाधनों द्वारा ब्राह्मणों एवं सोमरस निचोड़ने वाले यजमानों की रक्षा करो. हे निंदारहित, वज्रधारी एवं वृत्रहंता इंद्र! तुम माध्यंदिन सवन का सोमरस पिओ. (१) सेहान उग्र पृतना अभि द्रुहः शचीपत इन्द्र विश्वाभिरूतिभिः. माध्यन्दिनस्य सवनस्य वृत्रहन्ननेद्य पिता सोमस्य वज्रिवः.. (२) हे यज्ञकर्मों के स्वामी एवं उग्र इंद्र! तुम शत्रुओं की सभी सेनाओं को पराजित करके सभी रक्षासाधनों द्वारा ब्राह्मणों की रक्षा करो. हे निंदारहित वज्रधारी एवं वृत्रहंता इंद्र! तुम माध्यंदिन सवन करके सोमरस पिओ. (२) एकराळस्य भुवनस्य राजसि शचीपत इन्द्र विश्वाभिरूतिभिः. माध्यन्दिनस्य सवनस्य वृत्रहन्ननेद्य पिबा सोमस्य वज्रिवः.. (३) हे यज्ञस्वामी इंद्र! तुम इस भवन के एकमात्र राजा के रूप में सुशोभित हो. तुम अपने समस्त रक्षासाधनों द्वारा ब्राह्मणों की रक्षा करो. हे निंदारहित, वज्रधारी एवं वृत्रहंता इंद्र! तुम माध्यंदिन सवन में सोमरस पिओ. (३) सस्थावाना यवयसि त्वमेक इच्छचीपत इन्द्र विश्वाभिरूतिभिः. माध्यन्दिनस्य सवनस्य वृत्रहन्ननेद्य पिबा सोमस्य वज्रिवः.. (४) हे यज्ञस्वामी इंद्र! एकमात्र तुम ही एक-दूसरे से मिले हुए द्युलोक एवं धरती को अलग करते हो. तुम अपने समस्त रक्षासाधनों द्वारा ब्राह्मणों की रक्षा करो. हे निंदारहित, वज्रधारी एवं वृत्रहंता इंद्र! तुम माध्यंदिन सवन में सोमरस पिओ. (४) क्षेमस्य च प्रयुजश्च त्वमीशिषे शचीपत इन्द्र विश्वाभिरूतिभिः. ebook converter DEMO Watermarks*