ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 135, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंधनलाभ, स्थापना, प्रसिद्धि ६-८ २२. इंद्र की स्तुति १-१५ प्रसिद्ध, शत्रुजेता, प्रशंसित, आना, उशना, राक्षसनाशक, रक्षार्थ प्रार्थना, घेरना १-१० शुष्ण वंश का नाश, सुख व भोग याचना, बढ़ना, धनी बनाने की प्रार्थना ११-१५ २३. इंद्र का वर्णन १-७ कर्मकुशल, वृत्रवध, खींचना, भिगोना, बलवान बनाना, विमदवंशी, जानना १-७ २४. इंद्र व अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६ अधिक धनी, कर्मपालक, प्रेरक, विमद, प्रशंसा, दीप्तिशाली १-६ २५. सोम की स्तुति १-११ कल्याणकारी, महान्, परिणाम, जाना, संतुष्ट, वस्तुएं लाना, अजेय १-७ शोभन कर्म, शत्रुहंता, कक्षीवान्, दीर्घतमा, परावृज ८-११ २६. पूषा का वर्णन व स्तुति १-९ दर्शनीय, स्तुतियां, सींचना, स्तुति, हितैषी १-५ वस्त्र बुनना, मित्र, खींचना, अन्न बढ़ाने व पुकार सुनने की प्रार्थना ६-९ २७. इंद्र व उनके पुत्र वसुक ऋषि का संवाद १-२४ फल व सोमरस देना, वर्णन, जीतना, कांपना, प्रहार, व्याप्त, दुहना, चाहना, बनाना, दर्शनहीना कन्या, पति चुनना १-१२ सोखना, भक्षण, जन्म, प्रेरणा, घूमना, प्रजापति, स्वधा, व्याप्त करना १३-२० गिरना, कांपना, मेघों का छेदन, आविष्कार २१-२४ २८. इंद्र व उनके पुत्र वसुक का संवाद १-१२ इंद्र का न आना, पेट भरना, मांस पकाना, शत्रुनाशक, स्तुति, शत्रुहीन, शूर समझना, सोखना, पर्वत फोड़ना १-९ सोमलता लाना, 'दान स्वामी' नाम रखना १०-१२ ebook converter DEMO Watermarks*