ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 136, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें२९. इंद्र एवं अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८ हितैषी, त्रिशोक ऋषि, शक्तिशाली, स्तुति, दाता १-५ माता, बढ़ना, घेरना ६-८ ३०. जल की स्तुति व वर्णन १-१५ मन, दशापवित्र, जाने का आग्रह, बिना काष्ठों के जलना, मुदित, परिचय, छुड़ाना, तरंग १-८ ऊपर जाना, बढ़ना, सोम धारण, आना, स्थित हेना ९-१५ ३१. विभिन्न देवों का वर्णन १-११ स्तुत्य, धनाभिलाषा, सुख पाना, प्रजापति १-४ भरना, पोषक, अजर, प्रकाश, अरणि, कण्व ५-११ ३२. इंद्र, उनके घोड़ों व यजमान का वर्णन १-९ स्वाद लेना, घोड़े, बुलाना, गायत्री, आना १-५ यज्ञरक्षक, पूछना, नित्य युवा, धन देना ६-९ ३३. कवष व कुरुश्रवण राजा का वर्णन १-९ कवष व कुरुश्रवण, सौत, स्तोता, धन मांगना, हरे घोड़े, दृष्टांत, स्तोता १-७ मानव-स्वामी, वियोग ८-९ ३४. जुआ व जुआरी का वर्णन १-१४ तख्ते, पत्नी द्वारा छोड़ना, आदर नहीं, पत्नी को छूना, पहुंचना, जुआघर जाना, हार- जीत, घाती पाशे, अवश पाशे, झुकना, दाहक पाशे १-९ कर्ज चढ़ना, बदहाली, आग के पास सोना, नमस्कार, जुआ छोड़ने का आग्रह, सुख याचना १०-१४ ३५. विभिन्न देवों का वर्णन व स्तुति १-१४ वरण करना, सुख व धन मांगना, अंधकारनाशक, स्तुति, जानना १-८ जाना, होता, बुलाना, मनपसंद घर, अन्न कामना, कामना पूरक ९-१४ ebook converter DEMO Watermarks*