ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1583, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे मृत्यु देव! तुम देवयान से भिन्न मार्ग द्वारा यजमान से दूर हट जाओ. हे नेत्र वाले एवं सब कुछ सुनने वाले मृत्यु देव! मैं तुमसे कहता हूं कि हमारी संतान और हमारे वीरों को मत मारना. (१) मृत्योः पदं योपयन्तो यदैत द्राघीय आयुः प्रतरं दधानाः. आप्यायमानाः प्रजया धनेन शुद्धाः पूता भवत यज्ञियासः.. (२) हे मृत व्यक्ति के संबंधियो! तुम मृत्यु के मार्ग अर्थात् पितृयान को छोड़ो. इस प्रकार तुम लंबी आयु प्राप्त करोगे. हे यज्ञ करने वाले यजमानो! तुम संतान एवं गाय आदि धन से संपन्न होकर जन्ममरण के दुःख से शुद्ध एवं पवित्र बनो. (२) इमे जीवा वि मृतैराववृत्रन्नभूद्भद्रा देवहूतिर्नो अद्य. प्राञ्चो अगाम नृतये हसाय द्राघीय आयुः प्रतरं दधानाः.. (३) ये जीते हुए लोग मरे हुए व्यक्तियों के पास से लौट आवें. आज हमारा पितृमेध यज्ञ कल्याणकारी हो. हम नृत्य और हास्य की ओर उन्मुख हों एवं अधिक लंबी अवस्था धारण करें. (३) इमं जीवेभ्यः परिधिं दधामि मैषां नु गादपरो अर्थमेतम्. शतं जीवन्तु शरदः पुरूचीरन्तर्मृत्युं दधतां पर्वतेन.. (४) मैं जीवित पुत्र-पौत्रों की रक्षा के पत्थर के रूप में मृत्यु की सीमा रखता हूं. कोई अन्य इस मरणमार्ग से न जावे. ये लोग सैकड़ों वर्ष जीवित रहें एवं इस पत्थर के द्वारा मृत्यु को अपने से दूर रखें. (४) यथाहान्यनुपूर्वं भवन्ति यथ ऋतव ऋतुभिर्यन्ति साधु. यथा न पूर्वमपरो जहात्येवा धातरायूूंषि कल्पयैषाम्.. (५) हे धाता! जिस प्रकार दिन पर दिन बीतते हैं एवं ऋतुएं ऋतुओं के पश्चात् ठीक से जाती हैं, उसी प्रकार पहले पैदा हुए पिता आदि के सामने बाद में उत्पन्न हुए पुत्र आदि नहीं मरते हैं. हमारे परिवारों की आयु इसी प्रकार स्थिर रखो. (५) आ रोहतायुर्जरसं वृणाना अनुपूर्वं यतमाना यतिष्ठ. इह त्वष्टा सुजनिमा सजोषा दीर्घमायुः करति जीवसे वः.. (६) हे मृतक के पुत्र-पौत्रादि लोगो! बुढ़ापे को धारण करते हुए तुम लोग जीवन में स्थित रहो. तुम क्रम से अर्थात् बड़े के बाद छोटा, कार्य को यत्न से करते रहो. तुम्हारे साथ काम में लगे हुए शोभन-जन्म वाले त्वष्टा देव तुम्हारी आयु लंबी बनावें. (६) इमा नारीरविधवाः सुपत्नीराञ्जनेन सर्पिषा सं विशन्तु. ebook converter DEMO Watermarks*