भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1651, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 1651

जब द्यावा-पृथिवी ने भयभीत होकर तुम्हें बुलाया था, तब तुमने देवों की रक्षा की, राक्षसों की शक्ति नष्ट की एवं यजमान को बल प्रदान किया. (१) यदचरस्तन्वा वावृधानो बलानीन्द्र प्रब्रुवाणो जनेषु. मायेत्सा ते यानि युद्धान्याहुर्नाद्य शत्रुं ननु पुरा विवित्से.. (२) हे इंद्र! तुमने अपने शरीर को बढ़ाते हुए एवं मनुष्यों को घोषणा करते हुए जिन वृत्रवधादि बलसाध्य कार्यों को किया था, वह केवल माया थी. तुम्हारा सब युद्ध भी माया मात्र है. इस समय ही तुम्हारा कोई शत्रु नहीं है तो प्राचीनकाल में किस प्रकार रहा होगा? (२) क उ नु ते महिमनः समस्यास्मत्पूर्व ऋषयोऽन्तमापुः. यन्मातरं च पितरं च साकमजनयथास्तन्व१ः स्वायाः.. (३) हे इंद्र! क्या हमसे पहले ऋषियों ने तुम्हारी संपूर्ण महिमा का पार पाया था? तुमने अपने माता-पितारूपी द्यावा-पृथिवी को अपने शरीर से उत्पन्न किया था. (३) चत्वारि ते असुर्याणि नामादाभ्यानि महिषस्य सन्ति. त्वमङ्ग तानि विश्वानि वित्से येभिः कर्माणि मघवञ्चकर्थ.. (४) हे पूज्य इंद्र! तुम्हारे चार असुरनाशक और अपराजेय शरीर हैं. हे धनस्वामी इंद्र! तुम इन सबको जानते हो, जिनके द्वारा वृत्रवधादि कर्म करते हो. (४) त्वं विश्वा दधिषे केवलानि यान्याविर्या च गुहा वसूनि. काममिन्मे मघवन्मा वि तारीस्त्वमाज्ञाता त्वमिन्द्रासि दाता.. (५) हे इंद्र! तुम इन सब असाधारण संपत्तियों को जानते हो, जो प्रकट एवं छिपी हुई हैं. तुम मेरी अभिलाषा पूरी करो. तुम्हीं आज्ञा करते हो और तुम्हीं देने वाले हो. (५) यो अदधाज्ज्योतिषि ज्योतिरन्तर्यो असृजन्मधुना सं मधूनि. अध प्रियं शूषमिन्द्राय मन्म ब्रह्मकृतो बृहदुक्थादवाचि.. (६) जिन इंद्र ने सूर्य आदि तेजस्वी पदार्थों में ज्योति धारण की है एवं जिन्होंने मधु के द्वारा सोमरस को मधुर बनाया, उन इंद्र के लिए विशाल उक्थमंत्रों के रचयिता ऋषियों ने शक्तिदाता स्तोत्र बोला है. (६) सूक्त—५५ देवता—इंद्र दूरे तन्नाम गुह्यं पराचैर्यत्त्वा भीते अह्वयेतां वयोधै. उदस्तभ्नाः पृथिवीं द्याम्भीके भ्रातुः पुत्रान्मघवन्तित्त्विषाणः.. (१) ebook converter DEMO Watermarks*