भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1707, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 1707

किया है. यज्ञ के द्वारा देवता स्थित हैं एवं सोम द्युलोक में स्थित हैं. (१) सोमेनादित्या बलिनः सोमेन पृथिवी मही. अथो नक्षत्राणामेषामुपस्थे सोम आहितः.. (२) देवगण सोम के कारण ही शक्तिशाली बनते हैं एवं सोम से ही धरती महान् बनी है. सोम इन नक्षत्रों के समीप स्थित हैं. (२) सोमं मन्यते पपिवान्यत्संपिंषन्त्योषधिम्. सोमं यं ब्रह्माणो विदुर्न तस्याश्नाति कश्चन.. (३) लोग जब सोमलता को पीसते हैं तभी समझ लेते हैं कि हमने सोमरस पी लिया. ब्राह्मण लोग जिसे सोम समझते हैं, उसे कोई भी नहीं पी सकता. (३) आच्छाद्विधानैर्गृपितो बार्हतैः सोम रक्षितः. ग्राव्णामिच्छृण्वन्तिष्ठसि न ते अश्नाति पार्थिवः.. (४) हे सोम! छिपाने के साधन जानने वाले स्तोता लोग तुम्हें छिपाकर सुरक्षित रखते हैं. तुम पत्थरों का शब्द सुनते हो. धरती पर रहने वाला कोई भी मनुष्य तुम्हें नहीं पी सकता. (४) यत्त्वा देव प्रपिबन्ति तत आ प्यायसे पुनः. वायुः सोमस्य रक्षिता समानां मास आकृतिः.. (५) हे सोम! लोग तुम्हें तीनों सवनों में पीते हैं, इससे तुम बार-बार बढ़ते हो. वायु उसी प्रकार सोम की रक्षा करते हैं, जिस प्रकार वायु के समान आकार वाले मास, वर्ष की रक्षा करते हैं. (५) रैभ्यासीदनुदेयी नाराशंसी न्योचनी. सूर्याया भद्रमिद्वासो गाथयैति परिष्कृतम्.. (६) सूर्यपुत्री सूर्या के विवाह के समय रेभी नामक ऋचाएं उसकी सखियां बनी थीं तथा नाराशंसी नामक ऋचाएं उसकी दासियां बनीं. सूर्या का पूरा कल्याणकारी वस्त्र गाथा के द्वारा ही बनाया गया था. (६) चित्तिरा उपबर्हणं चक्षुरा अभ्यञ्जनम्. द्यौर्भूमिः कोश आसीद्यदयात्सूर्या पतिम्.. (७) विवाह के बाद विदा होते समय दिव्यता उसकी चादर एवं आंखें ही अंजन बनी थीं. इस समय द्यावा-पृथिवी उसके खजाने थे. (७) स्तोमा आसन-प्रतिधयः कुरीरं छन्द ओपशः. सूर्याया अश्विना वराग्निरासीत्पुरोगवः.. (८) ebook converter DEMO Watermarks*

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