भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 312, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 312

अग्नीषोमा य आहुतिं यो वां दाशाद्धविष्कृतिम्. स प्रजया सुवीर्यं विश्वमायुर्व्यश्नवत्.. (३) हे अग्नि और सोम! जो यजमान तुम्हें आज्य की आहुति और हव्य प्रदान करता है, उसे पुत्र-पौत्र आदि से युक्त शक्तिसंपन्न पूर्णजीवन प्राप्त हो. (३) अग्नीषोमा चेति तद्वीर्यं वां यदमुष्णीतमवसं पणिं गा:. अवातिरतं बृसयस्य शेषोऽविन्दतं ज्योतिरेकं बहुभ्य:.. (४) हे अग्नि और सोम! हम तुम्हारे उस पौरुष को जानते हैं, जिससे तुमने पणियों के पास से गायों को छीना था एवं वृषय अर्थात् त्वष्टा के पुत्र वृत्र को मारकर आकाश में चलते हुए सूर्य को सबके उपकारार्थ पाया था. (४) युवमेतानि दिवि रोचनान्यग्निश्च सोम सक्रतू अधत्तम्. युवं सिन्धूँरभिशस्तेरवद्यादग्नीषोमावमुञ्चतं गृभीतान्.. (५) हे अग्नि और सोम! तुम दोनों ने समानकर्त्ता बनकर इन चमकते हुए नक्षत्रों को आकाश में धारण किया है एवं इंद्र की ब्रह्महत्या के पाप अंश से युक्त नदियों को प्रकट दोष से छुड़ाया है. (५) आन्यं दिवो मातरिश्वा जभारामथ्नादन्यं परि श्येनो अद्रे:. अग्नीषोमा ब्रह्मणा वावृधानोरुं यज्ञाय चक्रथुरु लोकम्.. (६) हे अग्नि और सोम! तुम दोनों में से अग्नि को मातरिश्वा आकाश से तथा सोम को बाज पक्षी पर्वत से यजमान के निमित्त बलपूर्वक लाया है. तुम दोनों ने स्तोत्रों द्वारा वृद्धि प्राप्त करके देवयज्ञों के निमित्त धरती का विस्तार किया है. (६) अग्नीषोमा हविष: प्रस्थितस्य वीतं हर्यतं वृषणा जुषेथाम्. सुशर्माणो स्ववसा हि भूतमथा धत्तं यजमानाय शं यो:.. (७) हे अग्नि और सोम! यज्ञ के निमित्त दिए अन्न का भक्षण करो एवं उसके बाद हमारी अभिलाषा पूरी करो. हे कामवर्षको! हमारी सेवा स्वीकार करो, हमारे लिए सुखदाता एवं रक्षणकर्त्ता बनो तथा यजमान के रोग और भय दूर करो. (७) यो अग्नीषोमा हविषा सपर्याद्देवद्रीचा मनसा यो घृतेन. तस्य व्रतं रक्षतं पातमंहसो विशे जनाय महि शर्म यच्छतम्.. (८) हे अग्नि और सोम! जो यजमान देवों के प्रति भक्तियुक्त मन से तुम दोनों की सेवा करता है, उसके यज्ञकर्म की रक्षा करो, यजमान को पाप से बचाओ तथा यज्ञकार्य में संलग्न उस व्यक्ति को पर्याप्त सुख दो. (८) ebook converter DEMO Watermarks*