ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 349, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंहम प्रकाशसंपन्न एवं वाणियों की नेत्री उषा को जानते हैं. विचित्र उषा ने हमारे लिए अंधकार के बंद द्वार खोल दिए हैं, सारे संसार को प्रकाशित करके हमें धन दिए हैं एवं समस्त लोक को प्रकाशित किया है. (४) जिह्मश्ये३चरितवे मघोन्याभोगय इष्टये राय उ त्वं. दभ्रं पश्यद्भ्य उर्विया विचक्ष उषां अजीगर्भुवनानि विश्वा.. (५) उषा टेढ़े सोए हुए लोगों में कुछ को अपने अपेक्षित स्थान को जाने के लिए, कुछ को भोग के लिए, कुछ को यज्ञ के लिए एवं कुछ को धन के लिए जगाती है. यह अंधकार के कारण थोड़ा देखने वालों के विशिष्ट प्रकाश के लिए सारे भुवनों को प्रकाशित करती है. (५) क्षत्राय त्वं श्रवसे त्वं महीया इष्टये त्वमर्थमिव त्वमित्यै. विसदृशा जीविताभिप्रचक्ष उषा अजीगर्भुवनानि विश्वा.. (६) उषा किसी को धन के लिए, किसी को अन्न के लिए, किसी को महायज्ञ के लिए एवं किसी को अभीष्ट वस्तु प्राप्ति के लिए जगाती है. वह नानारूप जीविकाओं के निमित्त समस्त विश्व को प्रकाशित करती है. (६) एषा दिवो दुहिता प्रत्यदर्शि व्युच्छन्ती युवतिः शुक्रवासाः. विश्वस्येशाना पार्थिवस्य वस्व उषो अद्येह सुभगे व्युच्छ.. (७) आकाश की पुत्री यह उषा मनुष्यों द्वारा नित्य यौवना, श्वेतवसना, तमोविनाशिनी एवं समस्त संपत्तियों की अधीश्वरी के रूप में देखी गई है. हे शोभनधनसंपन्न उषा! तुम आज यहां अंधकार नष्ट करो. (७) परायतीनामन्वेति पाथ आयतीनां प्रथमा शश्वतीनाम्. व्युच्छन्ती जीवमुदीरयन्त्युषा मृतं कं चन बोधयन्ती.. (८) अतीत उषाओं के मार्ग का अनुवर्तन वर्तमान उषा करती है. यह आने वाली अगणित उषाओं की आदि है. यह अंधकार को मिटाती, प्राणियों को जागृत करती एवं निद्रा में मृतवत् बने लोगों को चेतन बनाती है. (८) उषो यदग्निं समिधे चकर्थ वि यदावश्चक्षसा सूर्यस्य. यन्मानुषान्यक्ष्यमाणाँ अजीगस्तद्देवेषु चकृषे भद्रमप्रः.. (९) हे उषा! तुमने जो अग्नि को प्रज्वलित किया है, अंधकारावृत विश्व को सूर्य के प्रकाश से स्पष्ट किया है एवं यज्ञ करते हुए मनुष्यों को अंधकार से छुटकारा दिलाया है, ये काम तुमने देवों के कल्याण के लिए किए हैं. (९) कियात्या यत्समया भवाति या व्युषुर्याश्च नूनं व्युच्छान्. ebook converter DEMO Watermarks*