ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 57, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंअश्वयुक्त बनना, बल, धन+अन्न याचना ६-८ ३८. द्यावा-पृथिवी एवं दधिक्रा देव की स्तुति १-१० त्रसदस्यु, दधिक्रा, तेज चाल वाले, उपभोग, भागना, साथ चलना, सहनशील १-७ दधिक्रा को न रोक पाना, स्तुति, प्रजा बढ़ाना ८-१० ३९. दधिक्रा देव का वर्णन १-६ स्तुति, कामवर्षी, पापनाशक, स्तोताओं के कल्याण हेतु बुलाना, दीर्घायु की प्रार्थना १-६ ४०. दधिक्रा देव का वर्णन १-५ स्तुति, भरणकुशल, उड़ने वाले, शीघ्र चलना, सूर्य का निवास १-५ ४१. इंद्र एवं वरुण की स्तुति १-११ अमर होता, भाई बनाना, धन देने व बल प्रयोग की प्रार्थना १-४ स्तुति, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, प्रेम एवं मित्र मांगना, स्तुतियों का जाना ५-९ धन व विजय हेतु प्रार्थना १०-११ ४२. इंद्र, वरुण एवं त्रसदस्यु का वर्णन १-१० दो प्रकार के राज्य, बल करना, धारक, बांटना १-४ पुकारना, डरना, शत्रु-वध, पुरुकुत्स, त्रसदस्यु, विश्वनाशक ५-१० ४३. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-७ वंदनशील, कल्याणकारी, शक्ति प्रदर्शन, रक्षा १-४ रथ चलना, सूर्यपुत्री, स्तुति ५-७ ४४. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-७ रथ को पुकारना, शोभा प्राप्ति, प्रशंसा, धन याचना १-४ स्वर्ग से आना, साथ देना, आश्रित ५-७ ४५. अश्विनीकुमारों का वर्णन १-७ ebook converter DEMO Watermarks*