भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 58, कुल 1855 में से

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चर्मपात्र, अंधकार का नाश १-३ सुनहरे पंखों वाले, स्तुति, तेज फैलाना, भ्रमण ४-७ ४६. वायु एवं इंद्र की स्तुति १-७ प्रथम सोमपानकर्त्ता, लोक कल्याणकारी, सोमपान, आसन, निकट आना १-५ सोमपान हेतु प्रार्थना ६-७ ४७. वायु एवं इंद्र की स्तुति १-४ सोमरस लाना, इंद्र-वायु, रथ पर चढ़ना, अश्व याचना १-४ ४८. वायु की स्तुति १-५ सोमपान हेतु आह्वान, अश्व स्वामी १-२ अनुगमन, तेज गति वाले, जोड़ने की प्रार्थना ३-५ ४९. इंद्र एवं बृहस्पति की स्तुति १-६ स्तुतियां, सोमपान, धन देने, सोमपान करने व निवास करने का आग्रह १-६ ५०. बृहस्पति व इंद्र की स्तुति १-११ दिशाएं स्थिर करना, शत्रु का कांपना, स्वर्ग से आना, अंधकारनाशक, गाएं छुड़ाना १-५ कामवर्षी, शत्रु को हराना, फलों से बढ़ना, याचना, दया भावना ६-११ ५१. उषा का वर्णन १-११ उगना, घेरना, उत्साहित करना, दीप्त करना १-४ उषा, प्रकाश फैलाना ५-६ कल्याणकारी, प्रशंसा का पात्र, विचरना ७-९ धन हेतु जगाना, यश व अन्न-स्वामी बनाने की प्रार्थना १०-११ ५२. उषा की स्तुति १-७ अंधकारनाशक, स्तुत, मां १-३ ebook converter DEMO Watermarks*