ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 59, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंजगाना, संसार भरना, अंधकार मिटाने व अंतरिक्ष व्याप्त करने की प्रार्थना ४-७ ५३. सविता का वर्णन १-७ धन मांगना, कवच, काम में लगाना, व्रतरक्षक, व्यापक, कल्याण, पुत्र, पौत्र व धन याचना १-७ ५४. सविता की स्तुति १-६ रक्तदाता, सोम की उत्पत्ति, पाप दूर करने की प्रार्थना १-३ निवास स्थान व धन याचना ४-६ ५५. विश्वेदेव की स्तुति १-१० रक्षार्थ प्रार्थना, इच्छापूरक स्तुति १-३ यज्ञ-मार्ग बताना, रक्षा हेतु प्रार्थना स्तुति, रक्षा व धन याचना ४-१० ५६. धरती-आकाश की स्तुति १-७ गरजना, यज्ञयोग्य, प्रेरित करना, स्वामी बनाने की प्रार्थना १-४ द्युति संपन्न, यज्ञवहन करने व पास बैठने का आग्रह ५-७ ५७. खेती का वर्णन १-८ सहायता, मधुर जल, ओषधियां मांगना, अनुगमन, चाबुक, जल-निर्माण १-५ हल से धन व धरती से फसलें मांगना ६-८ ५८. अग्नि, सूर्य, जल, गाय एवं घृत का वर्णन १-११ मरणरहित, पालन, मानवों में प्रवेश, घृत उत्पत्ति १-४ जल का गिरना, घृत का अग्नि पर गिरना, आगे बढ़ना, मिलना, रूप निखारना, मधुरतापूर्वक चलना, मधुरस ५-११ पंचम मंडल सूक्त विषय मंत्र सं. ebook converter DEMO Watermarks*