ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 678, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंबनाते हो, पालन करते हो एवं अनिष्ट कामना करने वालों से उसकी रक्षा करते हो. (६) यस्ते भरादग्नियेत चिदन्नं निशिषन्मन्द्रमतिथिमुदीरत्. आ देवयुरिनधते दुरोणे तस्मिन्न्रायिर्ध्रुवो अस्तु दास्वान्.. (७) हे अग्नि! जो अन्न की अभिलाषा करने वाले तुम्हारे लिए हव्य अन्न धारण करता है, नशा करने वाला सोम अधिक मात्रा में देता है, पूज्य अतिथि के समान तुम्हें उत्तर वेदी पर स्थापित करता है एवं देव बनने की अभिलाषा से तुम्हें अपने घर में प्रज्वलित करता है, उसका पुत्र पक्का आस्तिक एवं विशिष्ट दानी हो. (७) यस्त्व दोषा य उषसि प्रशंसात्प्रियं वा त्वा कृणवते हविष्मान्. अश्वो न स्वे दम आ हेम्यावान्तमंहसः पीपरो दाश्वांसम्.. (८) हे अग्नि! जो पुरुष रात में या प्रातःकाल तुम्हारी स्तुति करता है अथवा हाथ में प्रिय हव्य लेकर तुम्हें प्रसन्न करता है, यज्ञशाला में सुनहरी काठी वाले घोड़े के समान घूमते हुए तुम दरिद्रता से उसे बचाओ. (८) यस्तुभ्यमग्ने अमृताय दाशद् दुवस्त्वे कृणवते यतस्रुक्. न स राया शशमानो वि योषन्नैनमंहः परि वरदघायोः.. (९) हे मरणरहित अग्नि! जो यजमान तुम्हें हव्य देता है, अथवा माला हाथ में लेकर तुम्हारी सेवा करता है, वह स्तोत्र को बोलने वाला यजमान धनहीन न हो तथा हिंसकों का कष्ट उसे न छू सके. (९) यस्य त्वमग्ने अध्वरं जुजोषो देवो मर्तस्य सुधितं रराणः. प्रीतेदसद्धोत्रा सा यविष्ठासाम यस्य विधतो वृधासः.. (१०) हे प्रसन्न, युवक एवं दीप्तिशाली अग्नि! तुम जिस यजमान का भली प्रकार अर्पित एवं हिंसारहित अन्न खाते हो, वह होता अवश्य प्रसन्न होता है. अग्नि की सेवा करने वाले जिस यजमान का यज्ञ होता आदि बढ़ाते हैं, हम उसीसे संबंध रखेंगे. (१०) चित्तिमचित्तिं चिनवद्वि विद्वान्पृष्ठेव वीता वृजिना च मर्तान्. राये च नः स्वपत्याय देव दितिं च रास्वादितिमुरुष्य.. (११) विद्वान् अग्नि मनुष्यों के पुण्य एवं पाप को उसी प्रकार अलग कर दें. जिस प्रकार घोड़ों को पालने वाला कोमल और कठोर पीठ वाले घोड़ों को अलग-अलग छांट देता है. हे अग्नि देव! हमें सुंदर संतान के साथ धन दो. तुम दान करने वाले को धन दो और दानहीन से धन को बचाओ. (११) कविं शशासुः कवयोऽदब्धा निधारयन्तो दुर्यास्वायोः. ebook converter DEMO Watermarks*