भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 68, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 68

सींचना, वर्षा करना मार्ग पार, करना, सुनहरी पगड़ी ८-१२ अक्षय, राजा श्यावाश्व, धन याचना १३-१५ ५५. मरुतों की स्तुति १-१० अन्न धारण, असीमित ज्ञान, अतिशय १-४ जलहीन न होना, बुंदकियों वाली घोड़ियां, फैलना, पीछे चलना, पाप से बचाने हेतु प्रार्थना ५-९ ५६. अग्नि एवं मरुतों की स्तुति १-९ आह्वान १-२ समूह का आना, शत्रुनाश, आह्वान, घोड़े जोड़ने हेतु प्रार्थना, देर न करना ३-९ ५७. मरुतों की स्तुति १-८ जल पहुंचाना, आह्वान, वनों का कांपना, विस्तृत होना १-४ अमृत प्राप्ति, आयुध धारण करना, उत्तम संतान, धन व वर्षा हेतु प्रार्थना ५-८ ५८. मरुतों की स्तुति १-८ प्रभासंपन्न, दीप्तिशाली, आह्वान, शत्रुनाशक, पुत्र हेतु प्रार्थना, गरजना, गर्भधारण, धनस्वामी १-८ ५९. मरुतों की स्तुति १-८ स्तुति, दिखाई देना, ज्ञाता, वृष्टि, युद्ध करना, हितकारी १-६ पानी गिराना, वर्षा हेतु प्रार्थना ७-८ ६०. अग्नि एवं मरुतों की स्तुति १-८ स्तुति, बलसंपन्न, शब्द करना, स्वर्ग का कांपना १-३ शोभा धारण करना, नित्य युवा, आह्वान, शत्रुनाश व सोमपानार्थ प्रार्थना ४-८ ६१. मरुद्गण की स्तुति एवं रानी शशीयसी का वर्णन १-१९ अकेले आना, लगाम दिखना, कोड़े लगना, हितकारी, रानी शशीयसी, महानता १-६ ebook converter DEMO Watermarks*

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