ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 69, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंदान का विचार, समान, मार्ग बताना, संपत्ति देना, स्तुतियां, चमकना ७-१२ बाधाहीन गति, प्रसन्न होना, स्वर्ग, धन मांगना १३-१६ रथवीति, सूचना पहुंचाने हेतु प्रार्थना १७-१९ ६२. मित्र एवं मरुत् का वर्णन १-९ सूर्यमंडल, चमकीला बनाना, आकाश, नदियों का बहना १-४ अन्नस्वामी, पापत्राता, स्वर्णरथ, ५-७ लोहे की कील, विश्वरक्षक ८-९ ६३. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-७ रथ पर बैठना, शासन करना, आह्वान १-३ करना, घोड़े जोड़ना, भ्रमण, गरजना, यज्ञरक्षा ४-७ ६४. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-७ आह्वान, जाना, घर में सुख मिलने की प्रार्थना १-३ धन प्राप्ति की आशा, आह्वान ४-५ अन्नधारक, निकट आने की प्रार्थना ६-७ ६५. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-६ स्तुति जानना, घूमना, रक्षार्थ प्रार्थना, उपाय बताना, रक्षार्थ प्रार्थना १-६ ६६. मित्र, वरुण एवं धरती की स्तुति १-६ शत्रुनाशक, शक्ति, रक्षा हेतु स्तुति, जल बरसाना, दूरदर्शी १-६ ६७. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-५ हितकारक, कल्याणकारी, भक्तरक्षक, मार्ग दिखलाना, शरण लेना १-५ ६८. मित्र एवं वरुण का वर्णन १-५ आह्वान, प्रशंसनीय, दानदाता, बढ़ना, रथ १-५ ६९. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-४ ebook converter DEMO Watermarks*