ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 749, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंमें रक्षासाधन लेकर तुम शत्रुओं के नाश को तैयार हो जाओ. (६) युवामिद्ध्यावसे पूर्व्याय परि प्रभूती गविषः स्वापी. वृणीमहे सख्याय प्रियाय शूरा मंहिष्ठा पितरेव शम्भू.. (७) हे इंद्र एवं वरुण! हम गाय पाने की इच्छा से तुम्हारे पास प्रसिद्ध रक्षा की प्रार्थना लेकर आए हैं. तुम शक्तिशाली, बंधुतुल्य, शूर एवं अतिशय पूज्य देवों से हम उसी प्रकार मित्र एवं प्रेम मांगते हैं, जिस प्रकार पुत्र पिता से याचना करता है. (७) ता वां धियोऽवसे वाजयन्तीराजिं न जग्मुर्युवयूँः सुदानू. श्रिये न गाव उप सोममस्थुरिन्द्रं गिरो वरुणं मे मनीषाः.. (८) हे शोभन फल देने वाले दोनों देवो! रत्न की अभिलाषा करती हुई हमारी स्तुतियां रक्षा के निमित्त उसी प्रकार तुम्हारे पास जाती हैं, जिस प्रकार वीर पुरुष संग्राम की अभिलाषा करता है. जिस प्रकार गाएं सोमरस की शोभा बढ़ाने के हेतु उसके समीप रहती हैं, उसी प्रकार हमारी स्तुतियां इंद्र और वरुण के समीप जाती हैं. (८) इमा इन्द्रं वरुणं मे मनीषा अगमन्नुप द्रविणमिच्छमानाः. उपेमस्थुर्जोष्टार इव वस्वो रघ्वीरिव श्रवसो भिक्षमाणाः.. (९) जिस प्रकार धन पाने की इच्छा से लोग धनी के पास जाते हैं, उसी प्रकार हमारी स्तुतियां धन पाने की अभिलाषा से इंद्र और वरुण के पास जाती हैं. लोग भिखारिणी स्त्रियों के समान अन्न को मांगते हुए इंद्र के पास जाते हैं. (९) अश्वस्य त्मना रथस्य पुष्टेर्नित्यस्य रायः पतयः स्याम. ता चक्राणा ऊतिभिर्नव्यसीभिरस्मत्रा रायो नियतः सचन्ताम्.. (१०) हम लोग अपने-आप घोड़ों, रथों, पुष्टि एवं स्थायी संपत्ति के स्वामी बनें. वे दोनों गतिशील देव रक्षा के नवीन साधनों के साथ हमारे सामने घोड़े और धन उपस्थित करें. (१०) आ नो बृहन्ता बृहतीभिरूती इन्द्र यातं वरुण वाजसातौ. यद्विद्यवः पृतनासु प्रक्रीळान्तस्य वां स्याम सनितार आजेः.. (११) हे महान् इंद्र एवं वरुण! तुम दोनों विशाल रक्षा साधनों के साथ आओ. अन्न प्राप्ति के हेतु होने वाले जिस युद्ध में शत्रुओं के आयुध चमकते हैं, हम उस युद्ध में तुम्हारी कृपा से विजयी हों. (११) सूक्त—४२ देवता—त्रसदस्यु आदि मम द्विता राष्ट्रं क्षत्रियस्य विश्वायोर्विश्वे अमृता यथा नः. ebook converter DEMO Watermarks*