ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 765, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंआदिद्दामानं सवितर्व्यूर्णुषेऽनूचीना जीविता मानुषेभ्यः.. (२) हे सविता देव! तुम सर्वप्रथम यज्ञ के योग्य देवों के लिए अमरता का साधन सोम उत्पन्न करते हो. इसके बाद हव्यदाता यजमान को प्रकाशित करते हो तथा मनुष्यों को पिता, पुत्र व पौत्र के क्रम से जीवन देते हो. (२) अचित्ती यच्चकृमा दैव्ये जने दीनैर्दक्षैः प्रभूती पूरुषत्वता. देवेषु च सविर्तर्मानुषेषु च त्वं नो अत्र सुवतादनागसः.. (३) हे सविता देव! अज्ञान के कारण, दुर्बल अथवा शक्तिशाली लोगों के प्रमाद के कारण, ऐश्वर्य अथवा सेवा संबंधी गर्व के कारण तुम्हारे प्रति ही नहीं, देवों अथवा मनुष्यों के प्रति जो पाप हमने किया है, तुम हमें उस सब पाप से रहित बनाओ. (३) न प्रमिये सवितुर्देव्यस्य तद्यथा विश्वं भुवनं धारयिष्यति. यत्पृथिव्या वरिमन्ना स्वङ्गुरिर्वर्ष्मन्दिवः सुवति सत्यमस्य तत्.. (४) सविता देव का यह काम विरोध के योग्य नहीं है, क्योंकि वे सारे विश्व को धारण करते हैं. सुंदर उंगलियों वाले सविता धरती और आकाश को विस्तृत होने की प्रेरणा देते हैं. (४) इन्द्रज्येष्ठान्बृहद्द्रयः पर्वतेभ्यः क्षयाँ एभ्यः सुवसि पस्त्यावतः. यथायथा पतयन्तो वियेमिर एवैव तस्थुः सवितः सवाय ते.. (५) हे सविता देव! हम लोगों में इंद्र ही पूज्य हैं. तुम हमें पर्वतों से भी अधिक ऊंचा बनाओ एवं इन सब यजमानों को घर वाले निवासस्थान दो. इस प्रकार वे चलते समय तुम्हारे शासन में रहेंगे एवं तुम्हारी आज्ञा मानेंगे. (५) ये ते त्रिरहन्त्सवतः सवासो दिवेदिवे सौभगमासुवन्ति. इन्द्रो द्यावापृथिवी सिन्धुरद्भिरादित्यैर्नो अदितिः शर्म यंसत्.. (६) हे सविता! जो यजमान तुम्हारे निमित्त प्रतिदिन तीन बार सौभाग्यजनक सोमरस निचोड़ते हैं, इंद्र, धरती, आकाश, जलपूर्ण सिंधु एवं आदित्यों के साथ अदिति उस यजमान के साथ-साथ हमें भी धन दें. (६) सूक्त—५५ देवता—विश्वेदेव को वस्त्राता वसवः को वरूता द्यावाभूमी अदिते त्रासीथां नः. सहीयसो वरुण मित्र मर्तात्को वोऽध्वरे वरिवो धाति देवाः.. (१) हे वसुओ! तुम में रक्षा करने वाला कौन है एवं कौन दुःख दूर करने वाला है? हे अखंडनीय धरती आकाश! तुम हमारी रक्षा करो. हे इंद्र एवं ब्रह्म! तुम पराभवकारी लोगों से ebook converter DEMO Watermarks*