ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 830, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंहे स्तोताओ! तुम्हारी सुंदर स्तुति गर्जन करने वाले, वर्षा-संबंधी शब्द से युक्त एवं जलस्वामी बादल के पास पहुंचे. वे जल एवं बिजली को धारण करने वाले हैं तथा आकाश को प्रकाशित करते हुए चलते हैं. (१४) एष स्तोमो मारुतं शर्धो रुद्रस्य सूनूँर्युवन्दूँरुदश्याः. कामो राये हवते मा स्वस्त्युप पृषदश्वाँ अयासः.. (१५) हमारा यह स्तोत्र रुद्र के पुत्र मरुतों की शक्ति के सम्मुख भली प्रकार उपस्थित हो. वे तरुण हैं. हे मन! अभिलाषा मुझे धन के लिए आकर्षित करती है. बुंदकियों वाले घोड़ों पर यज्ञ के प्रति आने वाले मरुतों की स्तुति करो. (१५) प्रैष स्तोमः पृथिवीमन्तरिक्षं वनस्पतीँरोषधी राये अश्याः. देवोदेवः सुहवो भूतु मह्यं मा नो माता पृथिवी दुर्मतौ धात्.. (१६) धन की कामना से किया गया यह स्तोत्र पृथ्वी, अंतरिक्ष, वनस्पतियों एवं ओषधियों को प्राप्त हो. हमारे प्रति समस्त देव शोभन आह्वान वाले बनें. माता धरती हमें दुर्बुद्धि में न डाले. (१६) उरौ देवा अनिबाधे स्याम.. (१७) हे देवो! हम तुम्हारे द्वारा दिए गए महान् सुख का निर्बाध भोग करें. (१७) समश्विनोरवसा नूतनेन मयोभुवा सुप्रणीती गमेम. आ नो रयिं वहतमोत वीराना विश्वान्यमृता सौभगानि.. (१८) हम अश्विनीकुमारों की परम नवीन एवं सुख देने वाली रक्षा का अनुभव करें. हे मरणरहित अश्विनीकुमारो! तुम हमें धन, वीर पुत्र एवं सौभाग्य दो. (१८) सूक्त—४३ देवता—विश्वेदेव आ धेनवः पयसा तूर्ण्यर्भा अमर्धन्तीरुप नो यन्तु मध्वा. महो राये बृहतीः सप्त विप्रो मयोभुवो जरिता जोहवीति.. (१) मीठे जल से भरी हुई नदियां हिंसा न करती हुईं तेज चाल से हमारे समीप आवें. विशेष रूप से प्रसन्न करने वाले स्तोता विशाल संपत्ति पाने के उद्देश्य से सुखसाधिका सात नदियों का आह्वान करें. (१) आ सुष्टुती नमसा वर्तयध्यै द्यावा वाजाय पृथिवी अमृध्रे. पिता माता मधुवचाः सुहस्ता भरेभरे नो यशसावविष्टाम्.. (२) ebook converter DEMO Watermarks*