भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 906, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 906

सूक्त—८ देवता—वैश्वानर (अग्नि) पृक्षस्य वृष्णो अरुषस्य नू सहः प्र नु वोचं विदथा जातवेदसः. वैश्वानराय मतिर्नव्यसी शुचिः सोमइव पवते चारुरग्नये.. (१) हम यज्ञ में व्याप्त, कामवर्षी, तेजस्वी एवं जातवेद अग्नि की शक्तियों का वर्णन करते हैं. वैश्वानर अग्नि के लिए नवीन एवं पवित्र स्तुतियां सोमरस के समान उत्पन्न होती हैं. (१) स जायमानः परमे व्योमनि व्रतान्यग्निर्व्रतपा अरक्षत. व्य१न्तरिक्षममितीत सुक्रतुर्वैश्वानरो महिना नाकमस्पृशत्.. (२) यज्ञादि व्रतों का पालन करने वाले वैश्वानर अग्नि उत्तम स्थान में जन्म लेकर व्रतों की रक्षा करते एवं अंतरिक्ष को नापते हैं. शोभनकर्मकर्त्ता वैश्वानर अपने तेज से स्वर्ग को छूते हैं. (२) व्यस्तभ्नाद्रोदसी मित्रो अद्भुतोऽन्तर्वावदकृणोज्ज्योतिषा तमः. वि चर्मणीव धिषणे अवर्तयद्वैश्वानरो विश्वमधत्त वृष्ण्यम्.. (३) सबके सखा एवं अद्भुत वैश्वानर अग्नि ने धरती-आकाश को विशेष रूप से स्थिर किया है तथा तेज द्वारा अंधकार को मिटाया है. उन्होंने अंतरिक्ष को चमड़े के समान फैलाया है. वे समस्त शक्तियों को धारण करते हैं. (३) अपामुपस्थे महिषा अगृभ्णत विशो राजानमुप तस्थुर्ऋग्मियम्. आ दूतो अग्निमभरद्विवस्वतो वैश्वानरं मातरिश्वा परावतः.. (४) अग्नि को महान् मरुतों ने अंतरिक्ष में धारण किया एवं मानवों ने अर्चनीय स्वामी के रूप में उनकी स्तुति की. वायु देवों के दूत के रूप में दूरवर्ती सूर्यमंडल से वैश्वानर को लाए. (४) युगेयुगे विदथ्यं गृणद्भ्योऽग्ने रयिं यशसं धेहि नव्यसीम्. पव्येव राजन्नघशंसमजर नीचा नि वृश्च वनिनं न तेजसा.. (५) हे यज्ञपात्र अग्नि! समय-समय पर नवीन स्तुतियों का उच्चारण करने वालों को तुम धन एवं यशस्वी पुत्र दो. हे तेजस्वी एवं जरारहित अग्नि! वज्र जिस प्रकार वृक्ष को गिरा देता है, उसी प्रकार तुम अपने तेज से शत्रुओं का नाश करो. (५) अस्माकमग्ने मघवत्सु धारयानामि क्षत्रमजरं सुवीर्यम्. वयं जयेम शतिनं सहस्रिणं वैश्वानर वाजमग्ने तवोतिभिः.. (६) हे अग्नि! हम हव्यरूपी धन के स्वामियों को अपहरणरहित, नाशरहित एवं शोभन-वीर्य ebook converter DEMO Watermarks*