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रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished60 पृष्ठ

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संदर्भ में पढ़ें
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  • • योगाभ्यास को धारण करते समय धीरे धीरे स्वाँस लें और धीरे धीरे स्वाँस छोड़ें।
    • • जब अपनी पहली अवस्था में आना हो तो गहरी स्वाँस छोड़ते हुए प्रारम्भिक अवस्था में आएं।
    • • इस तरह से एक चक्र पूरा हुआ।
    • • शुरुवाती दौर में इसे 3 से 4 बार करें।
    • • धीरे धीरे योग का धारण समय एवं चक्र की नंबर को बढ़ाएं।

मत्स्यासन

  • • साधक सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं।
  • • धीरे-धीरे पीछे झुकें और पूरी तरह पीठ पर लेट जाएं।
  • • बाएं पांव को दाएं हाथ से पकड़ें और दाएं पांव को बाएं हाथ से पकड़ें।
  • • कोहनियों को जमीन पर टिका रहने दें।
  • • घुटने जमीन से सटे होनी चाहिए।
  • • अब आप सांस लेते हुए अपने सिर को पीछे की ओर लेकर जाएं।
  • • या हाथ के सहायता से भी आप अपने सिर को पीछे गर्दन की ओर कर सकते हैं।
  • • धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़ें।
  • • इस अवस्था को अपने हिसाब से मेन्टेन करें।
  • • फिर लंबा सांस छोड़ते हुए अपने आरम्भिक अवस्था में आएं।
  • • यह एक चक्र हुआ।
  • • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

सर्वांगासन

  • • सबसे पहले अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  • • धीरे – धीरे अपने पैरों को 90 डिग्री पर ऊपर उठाएं।
  • • धीरे से सिर को अपने पैरों की तरफ लाने का प्रयास करें।
  • • आपकी ठोड़ी सीने से सटा कर रखें।
  • • 30 सेकंड या उससे अधिक के लिए मुद्रा को बनाए रखने के लिए प्रयास करें।
  • • और फिर धीरे – धीरे पुरानी स्थिति में वापस आ जाएं।

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