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रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished60 पृष्ठ

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संदर्भ में पढ़ें
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  • • यह एक चक्र हुआ।
    • • इस तरह से आप 5 चक्र करें।

शीर्षासन

  • • सबसे पहले आप अपने योग मैट के आगे बैठ जाएं।
  • • अब आप अपने अंगुलियों को इन्टर्लॉक करें और अपने सिर को उस पर रखें।
  • • धीरे धीरे अपने पैरों को इन्टर्लॉक अंगुलियों का मदद लेते हुए ऊपर उठायें और इसे सीधा करने की कोशिश करें।
  • • शरीर का पूरा भार अब आप इन्टर्लॉक किये हुए अंगुलियों और सिर पर लें।
  • • इस अवस्था में कुछ देर तक रुकें और फिर धीरे धीरे घुटनों को मुड़ते हुए पैरों को नीचे लेकर आयें।
  • • यह एक चक्र हुआ।
  • • आप इसे 3 से 5 बार कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन

  • • सबसे पहले आप जमीन पर बैठ जाएं।
  • • अब आप दोनों पैरों को सामने फैलाएं।
  • • पीठ की पेशियों को ढीला छोड़ दें।
  • • सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।
  • • फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुके।
  • • आप कोशिश करते हैं अपने हाथ से उँगलियों को पकड़ने का और नाक को घुटने से सटाने का।
  • • धीरे धीरे सांस लें, फिर धीरे धीरे सांस छोड़ें
  • • और अपने हिसाब से इस अभ्यास को धारण करें।
  • • धीरे धीरे इस की अवधि को बढ़ाते रहे।
  • • यह एक चक्र हुआ।
  • • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

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