भारतकोश
रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

रोगी रोग मुक्त बिना दवाई: योगासन एवं प्राणायाम

Rogi Rog Mukt Bina Dawai: Yogasan evam Pranayama

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Chikitsa & Yogasan Series · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished60 पृष्ठ

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  1. 2. चारो उंगली के ऊपर का हिस्सा दबाने से साइनस ठीक होता है जैसे - नाक बहना, सर्दी लगना, खाँसी जुकाम, माइग्रेन आदि
  2. 3. पहली उंगली (तर्जनी) के ठीक नीचे वाले पाइंट को दबाने से आँखों के रोग दूर होते हैं, ज्योति बढ़ती है, बंहगापन दूर होता है।
  3. 4. दूसरी उंगली के ठीक नीचे वाले पाइंट को दबाने से फेफड़े स्वस्थ होते हैं।
  4. 5. छोटी उंगली के नीचे वाले पाइंट को दबाने से कान के सभी रोग दूर होते हैं, जैसे कान से मवान आना, कम सुनाई देना, पर्द फट जाना, इससे थोड़ा और नीचे दबाने से हृदय रोग दूर होते हैं।
  5. 6. उससे और नीचे दबाने पर मधुमेह रोग दूर होता है।
  6. 7. हथेली के उभरे हुए भाग को दबाने से (अंगूठे के पास) थायराइड ठीक होता है।
  7. 8. दूसरी उंगली को मोड़कर जिस पाइंट पर लगेगी उस पाइंट को दबाने पर किडनी स्वस्थ होती है एवं किडनी के रोग दूर होते हैं।
  8. 9. हथेली की शुरुआत में , हाथ की कलाई के मध्य भाग को दबाने से मूत्र संबंधित रोग दूर होते हैं।
  9. 10. अंगूठे के दायी और बायी तरफ से दबाने पर , गर्दन में दर्द या कमर में दर्द रोग दूर होता है।

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