भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

पृष्ठ 108, कुल 128 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 108

108

साहिब बन्दगी

माताओं-बहनों के दूध में कमी होने पर

☐ गाजर का रस पिएँ।

आँखें कमजोर होने पर

☐ गाजर का रस लाभदायक है।

कैंसर होने पर

☐ गाजर का रस जरूर पिएँ, लाभकारी है।

जीरे से रोगों का निदान

पुराना बुखार होने पर

☐ डेढ़ ग्राम पिप्सा हुआ जीरा और गुड़-दोनों को अच्छी तरह से मिला लें। सुबह-शाम यह दवा लें।

बवासीर होने पर

☐ एक चम्मच जीरे में काली मिर्च पीसकर शहद में मिलाकर दिन में दो-तीन बार सेवन करें।

खुजली होने पर

☐ जीरे को गर्म पानी में पीस, लेप करें।

मुँह में दुर्गंध होने पर

☐ जीरे को भूनकर खाएँ।

अंगूर से रोगों को निदान

दमा होने पर

☐ अंगूर का सेवन करें।

गुर्दे की पीड़ा होने पर

☐ 25 ग्राम अंगूर के पत्तों को पीस लें। फिर उसमें पानी मिलाकर अच्छी तरह से छान लें। अब उसमें नमक मिलाकर रोगी को