भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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साहिब बन्दगी

नोट

यदि एकांत स्थान न मिले तो सफेद कपड़ा पहन लें।

साधारण स्नान

साधारण स्नान की भी वास्तव में एक विधि है। जब भी आप नहाएँ, पहले हाथों से या किसी तौलिये से अपने शरीर को अच्छी तरह रगड़ लें। यह रगड़ना ऊपर से शुरू करें और नीचे पैरों में ख़त्म।

नोट

साधारणतया ठण्डे पानी से नहाएँ, ताकि रक्त का संचालन ठीक रहे और चुस्ती बनी रहे।

हफ्ते में एक बार गर्म पानी से नहाएँ, ताकि आपके रोम छिद्र खुल जाएँ और गंदगी भी अच्छी तरह से साफ़ हो।

अधिक ठण्ड होने पर गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

रोज़ गर्म पानी से मत नहाएँ। इससे पाचन-क्रिया कमजोरी होती है, शरीर में सुस्ती बढ़ती है।

साधारण स्नान भोजन के बाद करना हो तो कम-से-कम ढाई घण्टे बाद करें। अन्यथा साधारणतया भोजन के आधे से एक घण्टा पहले ही करें।

व्यायाम या शारीरिक श्रम से आई हुई थकान को दूर करने के बाद ही स्नान करना चाहिए।

सत्यनाम निज औषधि, सतगुरु देइ बताय।

औषध खाय अरू पथ रहै, ताकी वेदन जाये॥