रोगों की पहचान
Rogon Ki Pehchaan
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंसाहिब बन्दगी
१२ मुँह से दुर्गंध आने पर
□ पानी में नींबू निचोड़कर कुस्ने करें।
जुकाम होने पर
□ रात के समय गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर और शहद मिलाकर पिएँ।
पेट में कीड़े होने पर
□ नींबू के बीजों का १ ग्राम चूर्ण पानी के साथ लें।
हिचकी आने पर
□ नींबू के रस में शहद और थोड़ा-सा नमक मिलाकर पिएँ।
जोड़ों में दर्द होने पर
□ नींबू का रस दर्द वाले स्थान पर मलें।
दाद होने पर
□ नींबू के रस में अनार के पतों का रस मिलाकर लगाएँ।
गंज पड़ने पर
□ नींबू को काटकर गंज वाली जगह रोज रगड़ें।
हैजा होने पर
□ पौन गिलास पानी में नींबू और नमक मिलाकर रोगी को पिलाते जाएँ। उलटी की परवाह न करें। उलटी का होना जारी रहे तो आपकी दवा भी जारी रहनी चाहिए।
पेट दर्द होने पर
□ १० ग्राम नींबू के रस में, ५ ग्राम शहद और ५ ग्राम अदरक का रस मिलाकर पिएँ।
सिर में दर्द होने पर
□ नींबू की पत्तियों का रस निकालकर सूँघें।
□ एक कप चाय में एक नींबू निचोड़ कर पिएँ।