भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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रोगों की पहचान

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मोटापा होने पर

  • ▣ कच्चे टमाटर में प्याज, नींबू और नमक मिलाकर रोज़ सेवन करें।

चर्म रोग होने पर

  • ▣ रोज़ 3 बार टमाटर का रस पिएँ।

मुँह में छाले होने पर

  • ▣ भोजन के साथ टमाटर का सेवन अधिक करें।

पीलिया होने पर

  • ▣ रोज़ पौन गिलास टमाटर का रस पिएँ।

पेट में कीड़े होने पर

  • ▣ खाली पेट काली मिर्च और नमक के साथ टमाटर खाएँ।

धनिये से रोगों का निदान

नोट : कमजोर यौनशक्ति वालों के लिए धनिये का सेवन ठीक नहीं है।

छीकें आने पर

  • ▣ धनिये की पत्तियाँ सूँघें।

गले में दर्द होने पर

  • ▣ सूखा धनिया चबाएँ।

गैस होने पर

  • ▣ धनिये को पानी में उबालकर उसका रस दिन में दो बार पिएँ।

मुँह से दुर्गंध आने पर

  • ▣ नित्य भोजन के बाद हरा धनिया चबाएँ।

स्वप्न दोष होने पर

  • ▣ 350 ग्राम सूखे धनिये के बीजों की गिरी को अच्छी तरह पीस