रूपमण्डन एवं देवमूर्त्ति-प्रकरणम् (मण्डन सूत्रधार - प्राचीन मूर्तिकला एवं देव-प्रतिमा लक्षण सटीक)

रूपमण्डन एवं देवमूर्त्ति-प्रकरणम् (मण्डन सूत्रधार - प्राचीन मूर्तिकला एवं देव-प्रतिमा लक्षण सटीक)
Rupamandanam and Devatamurti Prakaranam of Sutradhara Mandana
मण्डन सूत्रधार द्वारा
DevanagariHindipublished335 पृष्ठ
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, ो, द, ्य, त, क, र, ः = शस्त्रोद्यतकरः.
Wait, compare with line 15: चण्डी चोद्यतशस्त्रा च -> शस्त्रा has short a on sha.
So line 11 is शस्त्रोद्यतकरः.
Then क्रुद्धस्तद्ग्रीवासम्भवः पुमान् ॥ ६२ ॥
क्रुद्धः + तद्ग्रीवासम्भवः = क्रुद्धस्तद्ग्रीवासम्भवः.
पुमान् ॥ ६२ ॥
Line 12:
शूलभिन्नो वमद्रक्तो रक्त(भू ? भ्रू)मूर्द्धजेक्षणः ।
Let's check:
शूलभिन्नो - श, ू, ल, भ, ि, न्, न, ो
वमद्रक्तो - व, म, द, ्, र, क, ्त, ो
रक्त - र, क, ्त
(भू ? भ्रू) - open paren, भ + ू, space, ?, space, भ + ्र + ू, close paren
मूर्द्धजेक्षणः - म, ू, र्, द्, ध, ज, े, क, ्, ष, ण, ः ।
All match clearly!
Line 13:
सिंहेन खाद्यमानश्च पाशाबद्धो गले भृशम् ॥ ६३ ॥
सिंहे