भारतकोश
रूपमण्डन एवं देवमूर्त्ति-प्रकरणम् (मण्डन सूत्रधार - प्राचीन मूर्तिकला एवं देव-प्रतिमा लक्षण सटीक)

रूपमण्डन एवं देवमूर्त्ति-प्रकरणम् (मण्डन सूत्रधार - प्राचीन मूर्तिकला एवं देव-प्रतिमा लक्षण सटीक)

Rupamandanam and Devatamurti Prakaranam of Sutradhara Mandana

मण्डन सूत्रधार द्वारा

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[ ८ ] विषयाः पत्राङ्काः | विषयाः पत्राङ्काः चतुर्भुजकार्त्तिकेयः ... १५३ | महावाणी ... १५९ पञ्चलीलयाः ... १५४ | भारती ... १६० नवदुर्गाः— | सरस्वती ... ,, महालक्ष्मीः ... १५५ | आर्या ... ,, नन्दा ... ,, | ब्राह्मी ... ,, क्षेमङ्करी ... ,, | महाधेनुः ... ,, सर्वती ... ,, | वेदगर्भा ... ,, महरण्डा ... ,, | ईश्वरी ... ,, भ्रमणी ... १५६ | महालक्ष्मीः ... ,, सर्वमङ्गला ... ,, | महाकाली ... ,, रेवती ... ,, | महासरस्वती ... ,, हरसिद्धिः ... ,, | भद्रकाली ... ,, क्षेत्रपालः ... ,, | चण्डी ... १६१ मातरः— | चण्डिकाप्रतीहाराः ... १६२ ब्राह्मी ... १५७ | लक्ष्मीः ... ,, माहेश्वरी ... ,, | महालक्ष्मीः ... १६४ कौमारी ... ,, | कात्यायनी ... ,, वैष्णवी ... १५८ | नृत्ये संस्थानवैशिष्ट्यम् ... १६५ वाराही ... ,, | हस्तादीनां रसाभिव्यञ्जकता ... १६६ ऐन्द्री ... ,, | नृत्ये आस्यादीनां प्रातिस्विकविषय- चामुण्डा ... ,, | निरूपणम् ... १६७ चण्डिका ... १५९ | ग्रन्थकृतः स्वाहङ्कारपरिहारः ... ,, द्वादश सरस्वत्यः— | ग्रन्थसमाप्तिः ... ,, महाविद्या ... १५९ | विषयानुक्रमणी समाप्ता ।