भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

पृष्ठ 11, कुल 288 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 11

( १ )

प्रश्न खण्ड—प्रश्न ज्योतिष सम्बन्धी सम्पूर्ण बातें रहेंगी और किसी प्रश्न का उत्तर देने का अभ्यास उदाहरण देकर कराया जायगा।

मुहूर्त खण्ड—मुहूर्त सम्बन्धी सम्पूर्ण बातें इसमें रहेंगी।

संहिता खण्ड—ज्योतिष की शेष बातें भेदनीसंहिता आदि सम्बन्धी बातें इसमें रहेंगी। इसमें वर्षों का विचार देश के फल का विचार वस्तु की महंगाई आदि का विचार इत्यादि बातें रहेंगी।

यह पुस्तक ज्योतिष के नवीन विद्यार्थी को लाभ पहुँचाने की दृष्टि से लिखी गई है। इस कारण यदि इसके प्रकाशन से जनता का कुछ भी लाभ हुआ तो मैं अपना उद्देश्य सफल समझूंगा।

पाठक यदि इस ज्ञान खण्ड को अपना कर यदि मेरा उत्साह बढ़ायेगे तो इसके इतर खण्डों के प्रकाशन में शीघ्रता होगी।

अंत में विशेष प्रार्थना है कि भूल होना मानुषीय है, यदि किसी विषय को समझाने में कोई त्रुटि हुई हो तो या अन्य प्रकार की कोई भूल हुई हो तो सज्जनों से आशा है कि क्षमा प्रदान कर भूल की सूचना देगे या अपनी कठिनाई सूचित करेंगे तो मैं अति अनुगृहीत होऊँगा और भविष्य में भूल मुधार दी जायेगी और कठिनाई दूर कर आवश्यक बातों का समावेश कर दिया जायगा।

इस खण्ड के लिखने में श्री उमाप्रसाद जी पोतदार हस्तरेखा शास्त्री और ज्योतिषाचार्य और मेरे भाई नर्मदा प्रसाद ठाकुर ( जो हस्तरेखा और ज्योतिष शास्त्र में दक्ष हैं) ने उचित परामर्श देकर बहुत सहायता की है। इसलिये उनको धन्यवाद है।

भवदीय

वी० एल० ठाकुर ज्योतिषाचार्य

सिंह सदन

नरसिंहपुर म० प्र०

नरसिंहपुर

दिनांक १८-७-१९४५

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १ · पृष्ठ 11, कुल 288 में से · BharatKosha