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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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केवल इस ज्ञान खण्ड के ही पढ़ लेने से कोई पूरा ज्योतिषी नहीं बन सकता, किन्तु यह खण्ड ज्योतिष शास्त्र के ज्ञान की वृद्धि में सहायक होगा, एवम् ज्योतिष शास्त्र में प्रवेश करने के लिये सच्चे मार्ग दर्शक का काम देगा।

नवीन विद्यार्थी को क्रमानुसार इसके सम्पूर्ण खण्डों का अध्ययन करना होगा। ज्ञान खण्ड अध्ययन कर लेने से ज्योतिष सम्बन्धी बहुत सी महत्त्वपूर्ण मुख्य मुख्य बातें समझ में आने लगेगी। इसमें ज्योतिषियों के लाभार्थ बहुत से उपयोगी बुटकुले भी दिये हैं। जैसे किसी का जन्म सम्बत् मास पक्ष दिन समय आदि न ज्ञात हो तो केवल कुंडली चक्र को देख कर ही ये सब बातें किस प्रकार बताई जा सकती हैं या बिना पंचांग के तिथि नक्षत्र करण वार सूर्य चन्द्र स्पष्ट आदि किस प्रकार बताये जा सकते हैं समझाया है। इनके अतिरिक्त तारीख से तिथि आदि कैसे जानना भी बताया है और अनन्त वर्षों की जन्मी देकर जन्मी बनाने की युक्ति भी बताई गई है। इस ज्ञान खण्ड के अध्ययन करने के उपरान्त आगे अध्ययन करना चाहिए। इस ज्ञान खण्ड के अध्ययन कर लेने से किसी की टिप्पणी ( संक्षिप्त जन्मपत्रिका ) बना लेना आ जाता है। अन्त में फलित सम्बन्धी मुख्य मुख्य बातें संक्षेप में बताई गई हैं जिनको जानना आवश्यक है और जिनके जान लेने पर फलित समझने की योग्यता बढ़ेगी। इसके उपरान्त ज्यों ज्यों आप आगे के और भी खण्ड अध्ययन करते जायेंगे योग्यता बढ़ती जायगी और पूर्ण अध्ययन कर लेने पर आप ज्योतिष के अच्छे जानकार अवश्य बन जायेंगे।

गणित खण्ड के अध्ययन से आप किसी की भी पूरी जन्मपत्री बना सकेंगे, और जन्मपत्र बनाने के सम्बन्ध की सम्पूर्ण बातें आप को आ जावेगी। इसमें समय ज्ञान, इष्ट साधन, ग्रह साधन, लग्न साधन, द्वादश भाव साधन, वर्ग साधन, अष्टक वर्ग साधन, ग्रह षड्वल साधन, भाव षड्वल साधन, आयु साधन, दशा साधन, अर्हण साधन, अर्हण से ग्रह साधन आदि अनेक प्रकार का गणित उदाहरण देकर सरलता पूर्वक समझाया है, जिससे नवीन विद्यार्थी को समझने में अड्डवन न हो। इसके उत्तरार्द्ध में प्रत्येक गणित की क्रिया करने की रीति भी समझाई गई है।

फलित खण्ड— फलित सम्बन्धी शेष सब बातें रहेंगी और महान् पुरुषों की कुंडली से उदाहरण देकर अभ्यास कराया जायगा जिससे फल कथन करने की योग्यता आ जायगी। यह योग्य विद्वानों के अध्यक्षता में तैयार होगा जिन्होंने सारा जीवन इसे अध्ययन कर व इसमें अनुभव प्राप्त कर फलादेश कथन में कीति प्राप्त की है।

वर्षफल खण्ड— वर्षफल बनाने का पूरा गणित उदाहरण देकर समझाया जायगा और वर्ष भर का सम्पूर्ण फल रहेगा जिससे आप अपना या किसी का भी वर्षफल बना सकेंगे।