भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

पृष्ठ 213, कुल 288 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 213

तारीख से तिथि निकालना : १९५

=विशेषांक+तारीख+मास संख्या=२४—३०=४ शुक्ल पक्ष की तिथि ।

२५ ७ २

यह योग ३० से अधिक है, इस कारण ३० घटाया, शेष ४ रहे । १ से १५ तक शुक्ल पक्ष की तिथि होती है । इस प्रकार ४ शुक्ल पक्ष की तिथि तारीख ७ अग्रल को होगी ।

दूसरा उदाहरण—तारीख १८ मार्च सन १८९० की तिथि जाननी है ।

\begin{array}{r} १८९०+१ \\ \hline \text{सन् } १९ \end{array} = \begin{array}{r} १८९१ \text{ शेष } १० \text{ सुवर्णांक} \\ १९ \text{ विशेषांक } ९ \end{array} \left. \vphantom{\begin{array}{r} १८९१ \\ १९ \end{array}} \right\} \begin{array}{l} \text{मार्च से इष्ट मास} \\ \text{मार्च } १ \end{array}

\begin{array}{r} \text{विशेषांक} \\ ९ \end{array} + \begin{array}{r} \text{तारीख} \\ १८ \end{array} + \begin{array}{r} \text{मास} \\ १ \end{array} = (२८-१५) = १३ \text{ तिथि}

ऊपर बताये नियम से तारीख की तिथि निकलाने में कभी-कभी एक तिथि का अन्तर पड़ जाता है । क्योंकि कभी-कभी एक तारीख में २ तिथियाँ हो जाती हैं । कभी-कभी तिथियों की हानि वृद्धि भी होती है । इस कारण कभी १ तिथि का अन्तर पड़ जाता है । इस रीति से तिथि का अनुमान हो जाता है । (२) इसी रीति को अब दूसरी प्रकार से करते हैं ।

आगे तारीख से चन्द्र की तिथि निकालने की जंश दी है, उसको देखने की रीति यह है ।

सन्+६=विशेषांक ( सन में जोड़ कर १९ का भाग दो जो बचे वह शेषांक कहलाया )

इष्ट महीने के नीचे और शेषांक के आगे चक्र में जो अंक मिले वह मासांक होगा । मासांक+तारीख=तिथि (तिथि ३० से अधिक होने से ३० घटा देना)

जैसे सन् १९४२ में १५ दिसम्बर की तिथि जाननी है ।

\begin{array}{r} १९४२+१ \\ \hline १९ \end{array} = \begin{array}{r} १९४३ = \text{शेषांक} \\ १९ \quad ५ \end{array} \begin{array}{r} (१९) \quad १९४३ \quad (१०२) \\ \hline १९ \\ \hline ४३ \\ \hline ३८ \\ \hline ५ \text{ शेषांक} \end{array}

इष्ट मास दिसम्बर के नीचे और शेषांक ५ के आगे देखा तो २४ मिला । यही मासांक हुआ । मासांक + तारीख = ३९-३०=९ तिथि शुक्ल पक्ष की ।

दूसरा उदाहरण—

इसी सन् में दिसम्बर की तिथि जाननी है ।