सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 218, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ें२०० : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
सन् १९०० ईसवी यह पूरी सदी तो है (अर्थात् सैकड़ा के २ शून्य इसमें तो हैं) परन्तु ४०० का भाग पूरा पूरा नहीं जाता, ४०० का भाग देने से शेष बचता है। इससे यह लीप वर्ष नहीं है। १९१६ में ४ का भाग देने से कुछ नहीं बचता, इस कारण लीप वर्ष होगा।
लीप वर्ष में फरवरी २६ दिन की होती है। साधारण फरवरी में २८ दिन होते हैं शेष महीनों में कोई ३० दिन का कोई ३१ दिन का होता है। जनवरी, मार्च, मई, जुलाई, अगस्त, अक्टूबर और दिसम्बर में ३१ दिन, शेष महीनों में ३० दिन होते हैं।
आगे इसी को सरल अंश अनन्त वर्षों की बनाई गई है, जिससे किसी भी सन् की तारीख से दिन या दिन से तारीख सरलता से जान सकते हो।
अनन्त वर्षों की जन्त्री
| अंग्रेजी महीना | सन् ईस्वी का नम्बर |
|---|---|
| ७ | लीप जनवरी, अग्रेल, जुलाई |
| ६ | सितम्बर, दिसम्बर |
| ५ | जून |
| ४ | फरवरी, मार्च, नवम्बर |
| ३ | लीप फरवरी अगस्त |
| २ | मई |
| १ | जनवरी, अक्टूबर |
| १ | ८ |
| २ | ९ |
| ३ | १० |
| ४ | ११ |
| ५ | १२ |
| ६ | १३ |
| ७ | १४ |
तारीख
दिन
जन्त्री रखने की रीति
इस जन्त्री से किसी भी सन् की तारीख या दिन जान सकते हो। जिस सन् ईस्वी की तारीख खोजना हो उसका नम्बर आगे बताई हुई रीति से निकालो। साल में एक बार सन् का नम्बर खोज लेने से वह नम्बर वर्ष भर काम देता है।
जिस महीने की तारीख जाननी है वह अंग्रेजी महीना बाईं ओर खोजो। ऊपर अंग्रेजी महीना लिखा है, उसके नीचे छप्ट महीना मिलेगा। उस महीने के सीध में