सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंतारीख से तिथि निकालना : २०९
प्रकार की है। वस इस प्रकार प्राप्त सन् के नम्बर से इष्ट मास की तारीख ऊपर बताई रीति से खोज लो। पहले बताई हुई सन् के नम्बर खोजने की रीति और यह रीति एक ही है। यहाँ उदाहरण के लिए ५००० हिजरी तक देकर सन् का नम्बर खोजना बताया गया है।
राष्ट्रीय जंजी National calendar ( Gragarion calender )
अभी तक सन् ईसवी का दिनांक प्रचलित था, परन्तु यह राष्ट्रीय नहीं है, इस विचार से भारत सरकार ने दिनांक २२ मार्च ईसवी सन् १९५३ से राष्ट्रीय जंजी प्रचलित की है।
दिनांक २१ मार्च को वसन्त नम्यात Vernal equinox होता है, जब दिन रात बराबर होती है और नूर्ध ६ बजे उदय होता है। उस दिन राष्ट्रीय वर्ष का अन्त समझ कर दूसरे दिन २२ मार्च से राष्ट्रीय चैत्र मास आरम्भ होता है। उस दिन राष्ट्रीय चैत्र की १ तिथि ( दिनांक ) माका १ म०३९ से यह राष्ट्रीय वर्ष की तिथि आरम्भ होती है।
यह राष्ट्रीय दिनांक अर्द्ध रात्रि से अर्द्ध रात्रि तक ईसवी सन के दिनांक के अनुसार ही माना जायगा। राष्ट्रीय वर्ष दिन ३६५ घण्टा ५ मिनट ८ से०४८ का माना गया है। लीप इयर ( जून बर्ष ) में हर चौथि वर्ष ( सन् ईसवी के अनुसार ही ) चैत्र मास ३१ दिन का होगा। साधारण वर्ष में चैत्र ३० दिन का ही होगा। इसी देशाष्ट्र से साइप्रस तक ५ महीने ३९ दिन की ओप ६ महीने ३० दिन की होगी।
| आरम्भ का | | आरम्भ का ---|---|---|--- राष्ट्रीय मास | अंग्रेजी दिनांक | राष्ट्रीय मास | अंग्रेजी दिनांक लीप चैत्र | ३१ २२ मार्च से | आश्विन | ३० २३ सितम्बर से साधारण चैत्र | ३० .. | कात्तिक | ३० २३ अक्टूबर .. बैशाख | ३१ २१ अप्रैल .. | ज्येष्ठ | ३० २२ जून २४ .. ज्येष्ठ | ३१ २२ मई .. | श्रावण | ३० २२ अगस्त .. श्रावण | ३१ २२ जून .. | भाद्र | ३० २१ सप्टेम्बर .. भाद्रपद | ३१ २३ जुलाई .. | सातपुन | ३० २० अक्टूबर .. साइप्रस | ३१ २० अगस्त .. | |
लीप वर्ष में राष्ट्रीय देशाष्ट्र सप्ताह और इसमें वर्ष के मास आरम्भ होने की तारीख से एक दिन अधिक बढ़ जाता है। परन्तु दूसरे २२ दिन की रीति से ३०० के अनुमान की ३० तिथि दिनांक २१ मार्च को ही यह बताता है इसमें २३ मार्च के दिन चैत्र आरम्भ होगा।
पंचांगी १४ अक्टूबर में राष्ट्रीय दिनांक के प्रतिपादन सन् १९५३ का दिनांक ही दिया जाता है।
पंचांग में ही हुई तिथि और राष्ट्रीय दिनांक ऐतिहासिक अन्त के आस कर पंचांगों में तिथि और अंग्रेजी दिनांक के प्रतिपादन राष्ट्रीय दिनांक की दिशा देता है।
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