सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 228, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ें२१० : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
अध्याय ३८
दिनमान जानना
यहाँ स्थूल रूप से दिनमान जानने की रीति बताई जाती है। सूक्ष्म रूप से दिनमान जानना गणित खण्ड में बताया गया है।
अयन संक्रान्ति से (अर्थात् सायन कर्क और सायन मकर संक्रान्ति से) गत दिन कितने हुए निकालो। गत दिन को ३ से गुणा कर १५३० जोड़ो और ६० का भाग दो। जो लब्धि मिले वह कर्क संक्रान्ति की गणना करने से रात्रिमान और मकर संक्रान्ति से गणना करने पर दिनमान निकलेगा।
जैसे सम्बत् २००० में २२ दिसम्बर की रात को सायन मकर की संक्रान्ति हुई थी। २३ मई का दिनमान जानना है तो दिसम्बर के शेष दिन ३१-२२=९+जनवरी ३१ के, + फरवरी २८ के, + मार्च ३१ के, + अप्रैल ३० के + मई २३ के=सर्व दिन १५२। १५२ दिन X ३ = ४५६ + १५३० = १९८६ \div ६० = ३३ घ. ६ पल. \therefore दिनमान ३३ घ. ६ प. हुआ।
६० ) १९८६ ( ३३ घड़ी
१८०
१८६
१८०
६ पल
रात्रिमान = (६० - दिनमान) = ६० - (३३ - ६) = २६ घ. ५४ प. रात्रिमान
२१ दिसम्बर को सायन मकर संक्रान्ति और २९ जून को सायन कर्क संक्रान्ति प्रायः होती है।
दिनमान से सूर्योदय जानना पञ्चांग देखने के प्रकरण में बता चुके हैं।
चन्द्रोदय अस्त ज्ञान (स्थूल रूप से)
चन्द्रोदय—पूणिमा के उपरान्त, प्रतिदिन २० घड़ी=५४ मिनट के उपरान्त चन्द्रोदय होता है। अर्थात् कृष्ण पक्ष आरम्भ होने पर इतनी देर बाद प्रतिदिन चन्द्र उदय होगा। तिथि में २० घड़ी का गुणा कर जान सकते हो कि उस तिथि में (कृष्ण पक्ष में) कितनी घड़ी उपरान्त चन्द्रोदय होगा।
यदि शुक्ल पक्ष है तो उतने घड़ी पल (या घण्टा मिनट) गये पर चन्द्र अस्त होगा। यह बहुत मोटा हिसाब है। दिनमान के अनुसार इसमें अन्तर पड़ता है।
चन्द्रोदय का समय जानना—
रात्रिमान को वर्तमान तिथि से गुणा करो। कृष्ण पक्ष हो तो गुणनफल में २ घटा दो। शुक्ल पक्ष हो तो गुणनफल में २ जोड़ दो। उपरान्त १५ का भाग दो,