सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
DevanagariHindipublished288 पृष्ठ
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दिनमान जानना : २११
लक्ष्मि चन्द्रोदय की घड़ी निकलेगी। १५ का भाग देने से जो बच्चे उसमें ६० का गुणा कर १५ का भाग देने से पल निकलता है।
जैसे ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी को दिनमान ३३ घ. ६ प. है तो रात्रिमान २६ घण्टा ५४ प. हुआ।
[रात्रिमान तिथि] २६-५४×४ | —२ | कृष्ण पक्ष होने से | घ. प. (१०७-३६) | —२ | घ. प. घ. प. १०५-३६ ७-२ | = ---|---|---|---|---|---|--- १५ | | = | १५ | = | १५ | =
रात्रिमान २६ घ. ५४ प.
×४
१०७—३६ —२
कृष्ण पक्ष होने से घटाया।
१५ ) १०५-३६ ( ७ घड़ी
१०५
०
१५° ) ३६ ( २ पल
३०
६
अस्त जानना
पीष शुक्ल ७ दिनमान २६-३० रात्रिमान ३३-३० को चन्द्र के अस्त का समय जानना है।
| रात्रिमान ३३-३० | १५) २३६-३० (१५ | =१५ घ. ४६ प. रात्रि गये |
|---|
| ×७ तिथि | १५ | घड़ी | उपरान्त |
|---|
| २३४-३० | ८६ |
|---|
+ २° शुक्ल पक्ष ७५
चन्द्र अस्त होगा।
| २३६-३० होने से | ११ × ६०= |
|---|
६६०
+३०
१५ ) ६९० ( ४६