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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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२१८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

जाता है। १९४७में जन्म के समय गुरु १४ वंश पर है अर्थात् आधी राशि भुक्त हो चुकी है तो ५३ में आधा वर्ष घटा दिया तो वही ५२॥ वर्ष आ जाते हैं।

इसी के साथ २ राहु का भी विचार करना चाहिए। राहु सदा बकी रहता है और १८ वर्ष में पूरा भ्रमर घूम लेता है। कुण्डली के राहु से वर्तमान राहु तक उल्टे क्रम से गिनो, जो संख्या हो उसे १॥ से गुणा करो, क्योंकि राहु १॥ वर्ष में १ राशि पार करता है। जो गुणन फल आवे उस पर से आयु विचारना।

जैसे कुण्डली में राहु मियुन का है सम्बत् २०००में कर्क का है। मियुन से उल्टे क्रम से आगे वृष फिर मेष आदि गिना तो ११ राशि हुई। ११ X १॥ = १६३ वर्ष + ३६ वर्ष ( राहु के २ फेरा ) = ५२१॥ वर्ष आयु। यदि कुण्डली में ग्रह स्पष्ट दिये हों तो इन ग्रह के अंशों पर से ठीक विचार करने पर आयु का हिसाब ठीक जम सकता है।

जिस सम्बत् की आयु कुण्डली देखकर अनुमान करने से निकले उस वर्ष का पंचांग ( यदि पुराने पंचांग पास हों तो ) या एकाध वर्ष आगे पीछे का पंचांग देखो। जिसमें ग्रहों की ठीक स्थिति कुण्डली के अनुसार मिले ठीक उसी समय का जन्म जानना।

(२) कुण्डली से अयन जानना

अयन—मकर के सूर्य के कुछ पहिले उत्तरायण और कर्क के सूर्य के कुछ पहिले दक्षिणायन होता है। कुण्डली में जिस राशि का सूर्य हो उससे जन्म समय का अयन जानना

जैसे कुण्डली में मीन का सूर्य है तो उत्तरायण जानना और उस जातक का जन्म उत्तरायण में हुआ है कहना।

(३) जन्म की ऋतु और मास जानना

जन्म मास—सूर्य की राशि से चन्द्रमास का अनुमान इस प्रकार करना सूर्य की

राशि मेष वृष मियुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धन मकर कुंभ मीन मास वैशाख ज्येष्ठ असाढ़ श्रावण भादों कुआँर कार्तिक अगहन पूस माघ फागुन चैत जैसे मीन का सूर्य कुण्डली में है तो चैत्र में जन्म हुआ होगा।

(४) ऋतु

चन्द्र मास के अनुसार इस प्रकार ऋतु होती हैं—

ऋतुवसन्त १शीत २वर्षा ३शरद ४हेमन्त ५शिशिर ६
मासचैत्रजेठसावनकुआँरअगहनमाघ
वैशाखअसाढ़भादोंकार्तिकपुसफागुन

सूर्य मीन का होने से चैत्र मास हुआ। चैत्र में वसन्त ऋतु होती है। इस कारण जातक का जन्म वसन्त ऋतु में हुआ है कहना।

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