सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 237, कुल 288 में से
संदर्भ में पढ़ेंकेवल कुण्डली पर से जन्म समय मास-पक्ष आदि क' ज्ञान : २१९
(५) जन्म का पक्ष जानना
कुण्डली में ७ राशि के भीतर चन्द्र हो तो शुक्ल पक्ष और ७ राशि के बाहर चन्द्र हो तो कृष्ण पक्ष जानना ।
जैसे ऊपर कुण्डली में मीन का का सूर्य है और चन्द्र कुम्भ का है । मीन गिना तो ७ राशि कन्या हुई । इसके आगे कुम्भ का चन्द्र है, इससे ज्ञान पड़ा कि सूर्य से चन्द्र ७ राशि के बाहर है, इस कारण ज्ञातक का जन्म कृष्ण पक्ष होगा कहना ।
(६) जन्म की तिथि जानना
कुण्डली में जहाँ सूर्य हो वहाँ अमावस्या जानो, क्योंकि अमावस्या को सूर्य और चन्द्र एकत्र रहते हैं । उसके आगे जैसे जैसे तिथि बढ़ती है, चन्द्रमा आगे बढ़ते जाता है । इस कारण कुण्डली में देखो चन्द्र कहाँ है और सूर्य से कितने घर के अंतर पर चन्द्र है । एक कोठे में ( १ राशि में ) २॥ तिथि के हिसाब से तिथि होती है । क्योंकि मोटे हिसाब से चन्द्र ३० दिन में १२ राशि घूमता है तो १ राशि में २॥ दिन पड़ा । १ दिन में १ तिथि होती है इस कारण १ राशि में २॥ तिथि होती है ।
यहाँ पर कुण्डली में मीन का सूर्य है और चन्द्र कुम्भ का है । दोनों के बीच ११ राशि का अन्तर हुआ । ११ × २॥ = २२॥ तिथियाँ हुई । अमावस्या को ३० तिथि कहते हैं । ( २७॥ — १५ ) = शेष १२॥ तिथि । २७॥ में पूर्णिमा तक की १५ तिथि घटा दिया तो शेष १२॥ तिथि कृष्ण पक्ष की निकल आई । अर्थात् कृष्ण पक्ष की १३ तिथि का जन्म होगा ।
यदि चन्द्र और सूर्य के अंशों का विचार किया जाय तो और भी ठीक तिथि निकल आती है । यहाँ सूर्य मीन के ५° में हैं ( ११ रा-५° ) और चन्द्र कुम्भ के ३° ( १० रा-३° ) पर है अर्थात् लगभग बराबर अंश दोनों के हैं । जब सूर्य और चन्द्र के बीच १२° का अन्तर पड़ता है तो १ तिथि होती है । यहाँ दोनों का अन्तर निकाला ।
\begin{aligned} \text{सूर्य } ११ \text{ रा-} ५ \text{ अंश} &= \text{शेष } १ \text{ रा-} २^\circ \\ \text{— चन्द्र } १० \text{—} ३ &= ३२^\circ \div २१ \text{ अंश} \\ \text{शेष} &= १ \text{—} २ = २॥ \text{ लगभग तिथि} \end{aligned}
हुई अर्थात् २॥ तिथि चन्द्र और चलता तो अमावस्या हो जाती । इस कारण अमावस होने को २॥ तिथि शेष है । पूरी १५ तिथि से २॥ घटाये तो १२॥ तिथि हुई । अर्थात् १२ तिथि पूरी हो चुकी है तेरहवीं तिथि वर्तमान है तो जन्म कृष्ण पक्ष की १३ तिथि का हुआ ।
चन्द्र में से सूर्य घटाने से स्पष्ट तिथि ज्ञात होती है । यहाँ चन्द्र १०—रा०—३° में से सूर्य ११—रा०—५° घटाया तो शेष १०—रा०—५ अंश रहे, इसके ३२४° हुए । १२° की एक तिथि होती है, इसमें १२ का भाग दिया तो २७३° तिथि हुई । इसमें से १५ घटाया तो कृष्ण पक्ष की १२३° तिथि हुई तिथि अर्थात् जन्म तिथि १३ हुई ।