सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें२२० : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड
| चन्द्र १०—रा०—३° | १२ ) | ३२८° ( २७ |
|---|---|---|
| सूर्य ११—५ | २४ | |
| शेष १०—२८ | ८८ | |
| ८४ | ||
| ४ |
यदि सूर्य के आगे चन्द्र ७ घर के भीतर है तो समझना अमावस्या को पार कर चन्द्र आगे बढ़ रहा है और अमावस्या के आगे शुक्ल पक्ष की तिथि आरम्भ हो गई है। सूर्य के ठीक सममुख सातवें घर में चन्द्र हो तो पूर्णिमा समझना। इसके आगे चन्द्र जाने पर कृष्ण पक्ष का आरम्भ होता है और चन्द्र जब सूर्य के पास आ जाता है तो अमावस्या होती है।
(७) कुण्डली से जन्म का वार जानना
कुण्डली से जो जन्म का मास जान पड़े चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से गिन कर ढेढ़ गुना करो। गत पक्ष के दिन जोड़ कर ७ का भाग दो। जो शेष रहे उसे जन्म वर्ष के राजा से गिन कर जन्म का वार कहना। पहले बता चुके हैं कि चैत्र शुक्ल १ तिथि को जो वार होता है वही उस वर्ष का राजा कहलाता है। वर्ष के राजा का चक्र पहिले दे चुके हैं। जैसे जन्म चैत्र कृष्ण १३ का है जैसा ऊपर निकाल चुके हैं। चैत्र शुक्ल १ से फागुन कृष्ण ३० तक ११ महीने हुए। ११ × ११ = १२१। दिन + फागुन शुक्ल पक्ष के १५ दिन + और चैत्र कृष्ण १३ तक गत दिन १२ हुए। १२१ + १५ + १२ = ४३१। ÷ ७ शेष ११। बचा। इस वर्ष का राजा सोमवार था तो सोमवार से ११ गिना, मंगलवार हुआ। जन्म दिन मंगलवार कहना।
(८) कुण्डली से जन्म नक्षत्र जानना
कुण्डली में जो जन्म मास निकले कार्तिक से उस मास तक गिन कर दूना करो और गत पक्ष के दिन भी जोड़ कर एक और मिला दो। इसमें २७ का भाग दो, शेष जो बचे अश्विनी से गिन कर नक्षत्र जानना।
जैसे कुण्डली से प्रगट हुआ चैत्र का जन्म है तो गत मास फागुन हुआ। कार्तिक को १ गिना। इस प्रकार कार्तिक से फागुन तक गिना ५ मास हुए। ५ × २ = १० + गत १३ + १ = १० + १४ = २४, अश्विनी से गिना चौबीसवाँ नक्षत्र शतभिषक का जन्म हुआ।
(९) कुण्डली से जन्म का योग जानना
पुष्प नक्षत्र से सूर्य नक्षत्र तक गिनो और श्रवण नक्षत्र से चन्द्र नक्षत्र तक गिनो। दोनों संख्या जोड़कर २७ का भाग दो, जो शेष बचे उसी क्रम से गिन कर योग जानना।