सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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नवांश ज्ञान २६७
( ४ ) उपरान्त चतुर्थ की उत्तर दिशा होने से इनकी राशियाँ ४, ८, १२ का
वि०—८८
दिशाओं की राशियाँ और भाव
नवांश ४ राशि से आरम्भ होगा, क्योंकि ये चतुर्थभाव उत्तर की राशियाँ हैं। ( देखो चित्र संख्या ८८ )
आरम्भ की उदित नवांश (आरम्भ का नवांश) की राशियाँ ऊपर बता चुके हैं। इनके आगे क्रमशः आगे की राशियों का उदय होगा। यहाँ नवांश चक्र देते हैं जिससे नवांश समझ लेना।
( राशियों की दिशायें राशि गुण धर्म चक्र में दे चुके हैं )