सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
DevanagariHindipublished288 पृष्ठ
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राशिचक्र : १३
चित्र संख्या ६-विषुववृत्त, कांतिवृत्त, राशिचक्र और ध्रुव
चित्र संख्या ७-पृथ्वी की कक्षा ( परिक्रमा का मार्ग ) Orbit of the Earth
करते हैं देखो चित्र संख्या ६ ।
कांति=कांतिवृत्त है जिसके उत्तर और दक्षिण में ९-९° का चौड़ा पट्टा है। इस पूरे चौड़े पट्टे को राशि चक्र कहते हैं ।
विषुववृत्त=यह आकाशीय विषुववृत्त, पृथ्वी के विषुववृत्त के सीध में आकाश में एक कल्पित रेखा है ।
आकाशीय विषुववृत्त=Celestial Equator इस विषुववृत्त पर कांतिवृत्त २२°-२८' का कोण बनाते हुए एक दूसरे को काटते हैं ।