सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १
Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
DevanagariHindipublished288 पृष्ठ
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नक्षत्र : १९
होगी। प्रत्येक विभाग (१ राशि) ३०° का होगा। देखें चित्र संख्या १३। इसका अभ्यास आकाश की ओर देखकर प्रत्येक दिशा में करें।
उत्तर की ओर ध्रुव तारे को देखें। वह जितने अंश ऊँचा है वही ऊँचाई उस स्थान का अक्षांश होगा। इसी प्रकार सब दिशाओं में आकाश के विभाग कर १ राशि=३०° कितना होगा, अनुमान करें तो १° कितना होगा इसका भी अनुमान हो जायगा।
अध्याय ५
नक्षत्र Constallations या Asterisms
पहिले बता चुके हैं कि राशि-चक्र के २७ सम विभाग करने से २७ नक्षत्र होते हैं। प्रत्येक नक्षत्र १३°—२०' का होता है और १ राशि में सवा दो नक्षत्र होते हैं। नक्षत्र का प्रत्येक चरण (चतुर्थ भाग) ३°—२०' का होता है।
नक्षत्रों के नाम ये हैं—
| क्रम | नक्षत्र | अंग्रेजी नाम | फारसी नाम | हिन्दी चिन्ह |
|---|---|---|---|---|
| १ | अश्विनी | Beta Arietis | बीटा अरायटिस | शरती |
| २ | भरणी | 41 arietis | ४१ अरायटिस | वर्तान |
| ३ | कृतिका | Eta Tauri | ईटा टाउरी | सुरैया |
| ४ | रोहिणी | Aldebaran | अल्डे बरान | द्वारा |
| ५ | मृगशिर | Lambda Orionis | लामडा ओरियोनिस | हकुआ |
| ६ | आर्द्रा | Gamma Geminorum | गामा जेमिनोरम | हनसा |
| ७ | पुनर्वसु | Pollux | पोल्लक्स | क्षिरा |
| ८ | पुष्य | Delta Cancri | डेल्टा कंकरी | नसरा |
| ९ | आश्लेषा | Zeta Hydrac | झीटा हायड्राई | तुर्फा |
| १० | मघा | Regulus | रेगुलस | जवहा |
| ११ | पूर्वाफाल्गुनी | Theta leonis | थीटा लियोनिस | झाहेरा |
| १२ | उत्तराफाल्गुनी | Denebola | डेनेबोला | सफा |
| १३ | हस्त | Delta Corvi | डेल्टा कोरवी | अवा |
| १४ | चित्रा | Spica | स्पीका | समाक |
| १५ | स्वाती | arcturus | आर्कटयूरस | गफरा |