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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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नक्षत्रों की पहिचान : २७

चित्र संख्या २४

१० मघा

चित्र संख्या २५

११ पूर्वा फाल्गुनी

चित्र संख्या २६

१३ हस्त

१२ उत्तरा फाल्गुनी

१३ हस्त—इसके ५ तारे हैं। आकार हाथ सदृश है। यह मघा के दक्षिण ओर है। यीघ्र पहिचाना जा सकता है। हाथ की अंगुलियों की ५ नोक सदृश ये पाँचों तारे दिखते हैं। जून के महीने में ये ब्यालू समय सिर पर दिखते हैं और शिरोविन्दु से ३०-४० अंश दक्षिण की ओर रहते हैं। देखें चित्र संख्या २६।

१४ चित्रा—हस्त के बाजू पूर्व को कुछ उत्तर की ओर यह एक ही तारा है जो बड़ा प्रकाशवान् है। आकार इसका मोती सदृश बताया है। जून के अन्तिम भाग में यह ब्यालू के समय सिर पर आता है। चैत्र की पूर्णिमा को चन्द्र इस पर आता है। यह तारा प्रायः आतिवृत्त पर है। देखें चित्र संख्या २७।

१५ स्वाती—यह अकेला और बहुत बड़ा तारा है। सरलता से पहिचाना जा सकता है। चित्रा से बहुत उत्तर को यह चमकता हुआ दिखता है। यह तारा चित्रा से भी अधिक प्रकाशवान् है। चित्रा के प्रायः ५० मिनट बाद यह शिरोविन्दु पर आता है और उसके १॥ घंटा बाद दूबता है। यह चित्रा से प्रायः ३०° दक्षिण को है। इसका एक ही तारा है और आकार मूंगा सदृश बताया है। यह कुछ लाल रंग का है। देखें चित्र संख्या २८।

१६ विशाखा—इसके २ तारे हैं। चित्रा के सामने ही नीचे की ओर २ तारे चमकते हुए दिखते हैं, परन्तु चित्रा से उनका तेज कम है। फरवरी में ५ बजे प्रातः के लगभग ये सिर पर दिखते हैं। पहिले तारे के उपरान्त दूसरा तारा २६ मिनट के अन्तर से उगता है। उसकी बराबरी से २ और छोटे तारे हैं जिनको मिला कर देखने से एक चौकोन सा बन जाता है। इसके ४ तारे और आकार तोरण सदृश

चित्र संख्या २७

१४ चित्रा

चित्र संख्या २८

१५ स्वाती

चित्र संख्या २९

१६ विशाखा

चित्र संख्या ३०

१७ अश्विनी