भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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४४ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड

किसी स्थान के अक्षांश व देशान्तर से देश के अन्तर का नाप मील में करना ।

A mile of Latitude=Geographical mile=A knot=2028 yards. A knot=one minute of Latitude=1.15 ordinary mile.

अक्षांश का १ मील=भौगोलिक मील=१ नाट=२०२८ गज १ कला=१.१५ साधारण मील ।

भूमध्य रेखा पर १° अक्षांश का=३६० भाग पृथ्वी की परिधि का । भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की परिधि २४८४० मील, लगभग २५००० मील है, इस हिसाब से १° में ६९ मील पड़ा । किन्हीं दो स्थानों की ध्रुव की ऊँचाई (अक्षांश) से दोनों स्थानों का अन्तर मील में निकालने के लिए दोनों स्थानों के अक्षांश का अन्तर निकालें फिर अन्तर के मील बनाने को ६९ से गुणा कर दें । जैसे नरसिंहपुर का अक्षांश २३° है और पूना का १९° है तो दोनों का अन्तर ( २३°-१९° )=४° हुआ । ४ X ६९ =२७६ मील दोनों देशों का अन्तर हुआ । इसी प्रकार किसी भी स्थान का अन्तर नापा जा सकता है ।

देशान्तर का नाप

देशान्तर रेखाओं के अंश में, पृथ्वी के भिन्न-भिन्न भागों में भिन्न-भिन्न नाप होती है । इसका कारण यह है कि भूमध्य रेखा पर तो पृथ्वी की परिधि २४८४० मील है । पृथ्वी गोल होने के कारण उत्तर या दक्षिण में जाने पर परिधि घटती जाती है । इस कारण प्रत्येक १०-१०° पर नाप लगभग कितने मील होते हैं, नीचे दिया है—

भूमध्य रेखा पर परिधि ३५६७०=१° में ६९ मील लगभग हुआ । भूमध्य रेखा पर ० अक्षांश होता है । यहाँ से उत्तर या दक्षिण १०-१० अक्षांश आगे बढ़ने पर प्रति अक्षांश में इस प्रकार मील होते हैं :—

अक्षांश१०२०३०४०५०६०७०८०९०
मील६९६८६५६०५३४४३४॥२३११॥

अन्त में ९०° पर अर्थात् ध्रुव स्थान में अन्तर शून्य हो जाता है ।

इन्हीं अक्षांशों पर से जिस अक्षांश के देशान्तर का अन्तर मील में निकालना हो, ऊपर बताये चक्र के अनुसार निकाल सकते हैं ।