भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

पृष्ठ 109, कुल 454 में से

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भष्टक वर्ग विचार : १०१

उस राशि के ८ भाग करने से एक भाग ३०-६-८ भंशर>३०-४५? का पड़ेगा दूसरा

भाग ७०-३०' तक, तीसरा ११९९-१४! तक, चौथा १५°-०' तक, पांचवां १८५९-४५?

तक छठा २२-३० तक, सातवां २६-१५" तक और आठवाँ भाग ३००-०' तक

का होगा । इस प्रकार अष्टक वर्ग में जिस भाग में शुभ रेखा हो उस ग्रह के उतने अंश

तक शुभता रहेगी जहाँ ० हो उस भाग में अशुभता रहेगी । इसके सम्बन्ध में गोचर में

भी और समझा दिया गया है ।

यह जानने के लिए कि वह शुभ या अशुभ फल किस समय तक रहेगा । उस ग्रह

के एक राशि में भुगतने के समय को ८ से भाग देने से जो अष्टमांश प्राप्त होगा वह

उस रेखा या बिन्दु के फल के भोग का समय रहेगा ।

ना

ग्रह एक राशि में भोगने १ अष्टमांश १ अष्ठमांश का

'का समय मास-दिन-घडी-पल भोग्यांश

१ शनि ३० मास-:-८ ३-२२-३०---० ३-४५

२ गुरु १३ मास- ८ १-१ ८-४ ५---० ३-४५

३ मंगल १॥ मास-<-८ ०- ५-३७-३० ३-४५

४ सूर्य १ मास -- ८ ०- ३-४५० ३-४५

५ शुक्र १ मास ८ ०- ३-४५-० ३-४४

६ बुध १ मास -+८ ०० ३-४५--० ३-४५

७ चन्द्र २। दिन--८ ०- ०-१६-५२ ३-४५

जैसे शनि के अष्टक वर्ग से फल का समय जानना है जन्म समय जन्म राशि के सप्तम

में सिंह का शनि है। गोचर में भी मान लो सिंह राशि पर शनि है । शनि के अष्टक वर्गे

में सिह राशि में केवल तीसरा, पाँचवाँ और आठवाँ अन्तिम भाग से शुभ रेखा है शेष में

अशुभ सूचक शून्य है तीसरा भाग ७१-३० से ११-१५ तक है पांचवां भाग १५-०”

से १८५९-४४” तक आठवां भाग २६०-२५' के वाद ३०-०' तक और शनि के इनके

अंशों में शुभता रहेगी शेष अंशों में अशुभता रहेगी । शनि का एक भाग २ मास २२

दिन ३० घड़ी में भुक्त होता है इसलिये सबसे शनि के अंशों के विचार से वह समय

कब से कब तक रहेगा समय निकाल लेना चाहिये नीचे दिये हुए चक्र से वह स्पष्ट

हो जायगा ।

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