सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 134, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें१२६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
यहा सूय में मंगल सग्रह बड़ा अग्रह छोटा तो सग्रह ४ पूर्ववत् रहा अग्रह ० हो
गया । शुक्र एक में ० है । पूर्ववत् रहा । बुध दोनों अग्रह भिन्न अंक तो छोटा ३६
बराबर दोनों में कर दिया । शनि एक में ० है पूर्ववत् रहा ।
चन्द्र मे-मंगकछ एक में ० है पूर्ववत् रहा । शुक्र का भी एक में ० होने से पूर्ववत्
रहा बुध का दोनों अग्रह भिन्न अंक तो छोटी के बरावर दोनों में १ रखा गुरु और
शुक्र दोनों में एक-एक शून्य हीने से पूर्ववत् रहा ।
मंगल में मंगल, शुक्र, बुध, गुरु में एक में ० होने से सब पूर्ववत् रहा शनि
की दोनों राशियाँ सग्रह होने से पूववत् रहा ।
बुध में-सबमें एक-एक शून्य होने से सब अंक पूर्ववत् रहे ।
गुर में-सब में एक-एक शून्य होने से सव अंक पूर्ववत् रहे ।
शुक्र में-मंगछ शुक्र बुध और शनि की राशियों में ° होने से पूर्ववत् रहे गुरु की
राशियों में सग्रह मीन छोटा अग्रह बड़ा है तो छोटी संख्या १ के वरावर दोनोंमें १
कर दिया ।
शनि मे-मंगल का दोनों में समान अग्रह प्रदान अंक होने से दोनों में ० हो गया।
शुक्त मे ० होने से, व शनि में भी एक स्थान ० होने से पूर्ववत् रहा वुध में
दोनों अग्रह समान अंक होने से दोनों में ० हो गया ।
गुरु में मीन सग्रह छोटा अग्रह बड़ा है दोनों में छोटा अंक १ के बराबर १ हो
गया ।
लग्न में-मंगल की राशियों में सग्रह वृश्चिक बड़ा, अग्रह छोटा है तो अग्रह २ का
० हो गया सग्रह का ४ पूर्ववत् रहा । शेप ग्रह की राशियों में १-१ शून्य होने से
पूर्ववत् रहा ।
इन सबको आगे एक चक्र वना कर रखा । इसमें ककं और सिह के अंक पूर्ववत्
जो त्रिठ शो० से प्राप्त हुए थे रख दिये। पश्चात् राशिगुणक ग्रहणुणक निकाल
कर रखा ।
सूर्य का राशिगुणक--मिथुन ३२६ गुणक८-२४। कन्या ३ गुणक५-१५ !
बृश्चिक ४2८ गुणक८-३२ । कुंभ १> गुणक११=११ । वृष २२९ गुणक१०-२० सवका
योग १०२ यह राशिपिंड सूर्य का हुआ ।
सूर्य का ग्रह गुणक--वृश्चिक में मंगळ ४ है > मंगल गुणक ८=३२। कुंभ में
चन्द्र १%गुणक ५--५ । इसी में बुध है १2९ बुध गुणक ५-४ । ११५१० ग्रह गुणक
हुआ और किसी में अंक नहीं हैं । सब का योग ४ ग्रहपिंड हुआ ।
सूर्य का योग--राशि पिंड १०२-प्रह पिंड ४२=१४४ योग पिंड हो गया ।
चन्द्र का राशि गुणक--मिथुन १ > गुणक८-८ «कर्क » गुणक ४-८ । सिंह१ >
गुणक १०८१० । कन्या१ > गुणक ५७५ । बुध१-+ गुणक ७=७। वृश्चिक३ -- गुणकर
२४॥ धन २)(गुणक ९-१८, मकर २>(गुणक ५=१०। सबका योग ९० राशिपिंड ।