भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

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१२६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड

यहा सूय में मंगल सग्रह बड़ा अग्रह छोटा तो सग्रह ४ पूर्ववत्‌ रहा अग्रह ० हो

गया । शुक्र एक में ० है । पूर्ववत्‌ रहा । बुध दोनों अग्रह भिन्न अंक तो छोटा ३६

बराबर दोनों में कर दिया । शनि एक में ० है पूर्ववत्‌ रहा ।

चन्द्र मे-मंगकछ एक में ० है पूर्ववत्‌ रहा । शुक्र का भी एक में ० होने से पूर्ववत्‌

रहा बुध का दोनों अग्रह भिन्न अंक तो छोटी के बरावर दोनों में १ रखा गुरु और

शुक्र दोनों में एक-एक शून्य हीने से पूर्ववत्‌ रहा ।

मंगल में मंगल, शुक्र, बुध, गुरु में एक में ० होने से सब पूर्ववत्‌ रहा शनि

की दोनों राशियाँ सग्रह होने से पूववत्‌ रहा ।

बुध में-सबमें एक-एक शून्य होने से सब अंक पूर्ववत्‌ रहे ।

गुर में-सब में एक-एक शून्य होने से सव अंक पूर्ववत्‌ रहे ।

शुक्र में-मंगछ शुक्र बुध और शनि की राशियों में ° होने से पूर्ववत्‌ रहे गुरु की

राशियों में सग्रह मीन छोटा अग्रह बड़ा है तो छोटी संख्या १ के वरावर दोनोंमें १

कर दिया ।

शनि मे-मंगल का दोनों में समान अग्रह प्रदान अंक होने से दोनों में ० हो गया।

शुक्त मे ० होने से, व शनि में भी एक स्थान ० होने से पूर्ववत्‌ रहा वुध में

दोनों अग्रह समान अंक होने से दोनों में ० हो गया ।

गुरु में मीन सग्रह छोटा अग्रह बड़ा है दोनों में छोटा अंक १ के बराबर १ हो

गया ।

लग्न में-मंगल की राशियों में सग्रह वृश्चिक बड़ा, अग्रह छोटा है तो अग्रह २ का

० हो गया सग्रह का ४ पूर्ववत्‌ रहा । शेप ग्रह की राशियों में १-१ शून्य होने से

पूर्ववत्‌ रहा ।

इन सबको आगे एक चक्र वना कर रखा । इसमें ककं और सिह के अंक पूर्ववत्‌

जो त्रिठ शो० से प्राप्त हुए थे रख दिये। पश्चात्‌ राशिगुणक ग्रहणुणक निकाल

कर रखा ।

सूर्य का राशिगुणक--मिथुन ३२६ गुणक८-२४। कन्या ३ गुणक५-१५ !

बृश्चिक ४2८ गुणक८-३२ । कुंभ १> गुणक११=११ । वृष २२९ गुणक१०-२० सवका

योग १०२ यह राशिपिंड सूर्य का हुआ ।

सूर्य का ग्रह गुणक--वृश्चिक में मंगळ ४ है > मंगल गुणक ८=३२। कुंभ में

चन्द्र १%गुणक ५--५ । इसी में बुध है १2९ बुध गुणक ५-४ । ११५१० ग्रह गुणक

हुआ और किसी में अंक नहीं हैं । सब का योग ४ ग्रहपिंड हुआ ।

सूर्य का योग--राशि पिंड १०२-प्रह पिंड ४२=१४४ योग पिंड हो गया ।

चन्द्र का राशि गुणक--मिथुन १ > गुणक८-८ «कर्क » गुणक ४-८ । सिंह१ >

गुणक १०८१० । कन्या१ > गुणक ५७५ । बुध१-+ गुणक ७=७। वृश्चिक३ -- गुणकर

२४॥ धन २)(गुणक ९-१८, मकर २>(गुणक ५=१०। सबका योग ९० राशिपिंड ।