सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 174, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें१६६ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
५-- १६, १७ वाँ नक्षत्र सिर
६-१५५ १९, २०, २१ वाँ नक्षत्र चेहरा
७--२२, २३, २४, २५ वाँ नक्षत्र दाहिना हाथ ८---२६, २७ वाँ नक्षत्र दोनों आँखें बुध गुरु शुक्र के अंग विभाग के अनुसार गोचर फल
जन्म नक्षत्र से वर्तमान नक्षत्र तक संख्या अंग विभाग
१--१, २, ३ रा नक्षत्र सिर
२-४, ५, ६ वाँ नक्षत्र मुख ३--७, ८, ९, १०, ११, १२ वाँ नक्षत्र दोनों हाथ ४-१३, १४, १५, १६, १७ वाँ नक्षत्र पेट ५-१८, १९ वाँ नक्षत्र जननेन्द्रिय
६-२०, २१, २२, २३, २४, २५, २६, २७ वाँ, दोनों पेर शनि राहु और केतु का अंग विभाग फल
जन्म नक्ष से वर्तमान नक्षत्र तक संख्या अंग विभाग १--प हिला नक्षत्र मुख २--२, ३, ४, ५ वाँ नक्षत्र दाहिना हाथ ३--६, ७, ८ वाँ नक्षत्र दाहिना पेर ४--९, १०, ११ वाँ नक्षत्र बाँयाँ पैर
५-०१२, १३, १४, १५ वाँ नक्षत्र बाँयाँ हाथ ६--१६, १७, १८, १९, २० वाँ नक्षत्र पेट (कुक्षि) ७--२१, २२, २३ वाँ नक्षत्र सिर ८-२४, २५ वां नक्षत्र दोनों नेत्र ९--२६, २७ वाँ नक्षत्र पीठ गोचर से तक्षत्र विचार
लाभ
अतिभय
सुख
विदेश यात्रा
फल
दुःख या शोक लाभ
कुछ अनहोनी हो द्रव्य का आना
हानि कीति मान
स्त्री भोग
सुख
सुख
जीवन का भय