सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 207, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ेंअध्याय ८
आयुर्दाय विचार
सबसे पहिले जांतक की आयु का विचार करना चाहिये पीछे लक्षण कहना चाहिये
क्योंकि आयुहीन मनुष्य के लक्षण विचारना निरथंक है ।
आयु भेद-अल्प मध्य दीर्घायु के भेद से ३ प्रकार की आयु हैं इनमें वैसे ग्रह योग
दृष्टि और उनका बल और स्थिति पर ध्यान देकर मारकेश व मारकेश की दशा
आदि पर भी विचार करते हुए आयु का निर्णय करना चाहिये ।
मनुष्य एवं जीवों की परम आयु
मनुष्य व हाथी की १२० वर्ष ५ दिन
घोड़ा ८ ३२ वर्ष काक, गीध, उल्लू = १ हजार वर्ष
गधा व ऊँट > २५ वर्ष बाज = ३०० वर्ष
गाय, भैंस - २४ वर्ष कोयल, कवृतर, मोर = २० वषं
बकरा, भेड़ = १६ वर्षे . हंस = १४ वर्ष
कुत्ता-१२ वर्ष बुलबुल आदि-७ वषं
विल्ली-१० वर्ष मुरगा-८ वर्ष
मृग-२ वर्ष सपं-१००० वर्षं
रीछ, वानर-३०० वर्ष कूर्म-१५०० वर्ष
बाघ-६४ वर्ष वृश्चिक, गोह आदि-८ वषं
वृक्ष-५०० वषं चींटी--१ वर्ष
राक्षसों की-१५० वर्ष -
इतर जीवों की परम आयु देने का प्रयोजन-जिस प्रकार गणित द्वारा लग्न
कुंडली के ग्रहों पर से मनुष्य की आयु निकाली जाती है उसी प्रकार यदि अन्य जीवों
आदि की भी कुंडली बनाई गई हो तो उनकी आयु निकालने को परम आयु का आधार
लेकर निकालना पड़ता है । गणित से जो आयु निकले उसे जीव के परम आयु से गुणा
कर १२० का भाग देने से उस जीव की स्पष्ट आयु निकल आवेगी । जैसे मनुष्य की
आयु साधन की रीति से गणित करने पर ८५ वषे ५ मास १० दिन ५४ घ० ३० प०
निकली । किसी ने अपनी गाय की कुंडली बनवाई थी जिसके ग्रह स्पष्ट लग्न आदि के
द्वारा गणित करने से उपरोक्त आयु में २४ का गुणा कर १२० वर्ष का भाग देंगे तो
गाय की स्पष्ट आयु निकल आयगी ३१८=ब३=५ यहाँ उपरोक्त आयु में ५ का भाग
दिया तो १७ वर्ष १ माह २ दिन ११ घः ६ प० आयु गाय की निकली ।
गणित द्वारा आगु निकालना गणित खंड में बता चुके है ।