सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
पृष्ठ 208, कुल 454 में से
संदर्भ में पढ़ें१९८ : सचित्र ज्योतिष शिक्षा, तृतीय फलित खण्ड
आयु पर विचार-यह परमायु सत्कमं करने वाखों की है जिनकी इन्द्रियाँ काबू
में रहती हैं, लाभ जनक भोजन मिलता है, देव ब्राह्मण आदि का पूजन ईश्वर भजन
आदि सत्कार्य में जिनका मन शान्त रहता है वे पूर्ण आयु पाते हैं । मानसिक रोग
चिन्ता क्रोध कामवासनो आदि के प्रवाह से शरीर में निबंलता आ जाने से आयु क्षीण
हो जाती है।
परन्तु सदाचार से, धमं से, योगादि साधन से, एवं रसायन प्रयोग से मनुष्य गणि-
तागत आयु से भी अधिक जी सकता है | इसीप्रकार अनियमित एवं अनर्थ कर्म व्यसन
आदि अनियमित जीवन से आयु क्षीण भी हो जाती है । क
इससे मनुष्य की जो परमायु १२० वर्ष की मानी गई है उससे न्यून अधिक आय
हो सकती है । १२० वर्ष आदि के अंक केवल गणित के निमित्त एक प्रकार दृष्ट व
केन्द्र माना है ।
ग्रहों के कई ऐसे योग भी हैं जिनसे १२० वर्ष से अधिक आयु जातक की हो
सकती है । ये योग अमित आयु के आगे दिये हैं ।
यह नियम नहीं है कि १२० वर्ष की ही आयु गणित से आ सकती है परन्तु गणित
द्वारा इससे भी अधिक आयु निकल सकती है । जेसे ककं लग्न में चन्द्रमा, गुरु केन्द्र में
बुध शुक्र, पाप ग्रह ३, ६, ११ भाव में से किसी में हों तो गणित से भी अधिक
आयु आवेगी ।
आयुर्दाय के ७ भेद
आयुर्दाय ७ प्रकार की है !
(१) बालारिष्ट-८ वर्ष तक।
(२) योगारिष्ट-२० वर्ष तक-दुष्ट ग्रह के उत्पन्न प्रभाव से ।
(३) अल्पायु-३२ वर्ष तक।
(४) मध्यमायु-३२ से ६४ वर्ष तक या ४० वर्ष तक ।
(५) दीर्घायु-१२० वर्ष तक ।
(६) दिव्यायु-१००० वर्ष-देव आयु ।
(७) अमितायु-योग्याभ्यास आदि द्वारा असंख्य आयु प्राप्त होती है अन्य मत से
मध्यमायु ३२ से ७० वर्ष तक है पश्चात् दीर्घायु है।
कहा है कि २० वर्ष तक आयु का निश्चय करना कठिन है क्योंकि इस बीच में
कोई पिता के दोष से कोई माता के दोष से कोई अपने पूर्व जन्म के कमं जन्य अरिष्ट
योग से मर जाते हैं । इससे २० वर्ष के पश्चात् आयुर्दाय का गणित करना ।
इसमें भी १२ वषं के भीतर तो आयु का निश्चय करना कठिन है । तव तक जप
होम औषधि आदि से वालक की रक्षा करना !
४ वर्ष तक-माता के पाप कमं से मरता है ।
८ वर्ष तक-पिता के पाप कमं से मरता है ।
१२ वर्ष तक-वालक अपने पाप कमं से मरता है