भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

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ग्रहों की दृष्टि का फल : १७

पिछली अवस्था में पूर्वोक्त पदार्यो का सोख्य होता है ।

चन्द्र की--राजा के खजाने का स्वामी, श्रेष्ठ कांति, धन के सुख युक्त, श्रेष्ठ

वृत्ति में चित्त ।

मंगल की--वालक स्त्री तथा सुन्दर वस्त्र भूषणों से युक्त, गुणवान्‌, शूरवीर,

ब्रण रोग ।

बुध की--मित्रों के आश्रय से सव सिद्ियाँ प्राप्त, श्रेष्ठ वृत्ति, श्रेष्ठ बुद्धि, श्रेष्ठ

प्रताप, राजा का मन्त्री ।

शुक्र की--मित्रो के वैभव को भोगने वाला, स्त्रियों से अनेक सौख्य को प्राप्त ।

शनि की--सम्मान और भूषण तथा गुणों से युक्त, श्रेष्ठ शील, सेना नगर या

ग्राम को स्वामी, बहुत बोलने वाला ।

(५) सिह के गुरु पर दृष्टि

सूये की--खर्च करने वाळा, प्रसिद्ध, बडा धूर्ते, राजा से धन लाभ, श्रेष्ठ

कमें में चित्त ।

चन्द्र की--प्रसन्न मूर्ति, चित्त की शुद्धि से हीन, स्त्री के कारण से धन लाभ ।

मंगल की--बड़े मान और गौरव युक्त, श्रे ष्ठ कर्म के निर्माण करने में चतुर ।

बुध की--भकान आदि वनवाने के कॉम में चतुर, गुणों में अग्रणी, राजा का

मन्त्री, वाणी विलास में चतुर ।

शुक्र की-- राजा से बड़ा पद प्राप्त, स्त्रियों से प्रीति करने वाला, गुणों का

जानने वाला ।

शनि की-सुख से हीन, मलिन, श्रेष्ठ वाणी, दुर्बेल देह, उत्सव रहित ।

(६) स्वक्षेत्री गुरु पर दृष्टि

सूर्य की दृष्टि--राजा के विरुद्ध, मित्रों से अत्यन्त बैर करने वाला, जिसके

सदा वैरी रहें । :

चन्द्र की--भाग्य और धन वृद्धि से अभिमान, स्त्री का प्यारा, सुख युक्त,

नम्रता रहित ।

मंगल की--फोड़े से अंकित, युद्ध में चतुर, हिंसक, क्रूर स्वभाव, परोपकारी ।

बुध की--राजा के आश्रय से बड़ा अधिकार प्राप्त, स्त्री, धन ऐश्वर्य सुख से

युक्त, पराये उपकार करने में एक चित्त ।

शुक्र की--सुख युक्त, धन युक्त, प्रसन्न, चतुर, सदा ऐश्वयं युक्त ।

शनि की--अधिकार से पतित, सुख और पुत्रों से रहित, युद्ध में पराजय ।

(७) शनि क्षेत्री गुरु पर दृष्टि

सूर्य की--प्रसन्न, कांतिमान्‌, श्रेष्ठ वाणी, पराया उपकार आदर से करने

वाला, राजा के कुल में उत्पन्न ।

चन्द्र की--कुल को धारण करने वाला, तीव्र बुद्धि, शीळवान्‌, धर्म क्रया में

उदार, अभिमानी, माता-पिता का भक्‍त ।

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