सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २
Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2
बाबूलाल ठाकुर द्वारा
स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंग्रहों की दृष्टि का फल : २१ |
शनि कौ--प्रसन्न देह, अनेक वस्तु लाभ करने वाला, धन वाहन स्त्री और पुत्रों के
सौख्य से युक्त ।
शुक्र पर पाप दृष्टि फल--पराजय, स्त्रोवियोग धन, नाश ।
शुक्र पर शत्रु दृष्टि फल-मूत्रक्ृच्छ् आदि बड़े रोग होते है ।
शुक्र पर शुभ दृष्टि फल-स्त्री का लाभ, सुख, आभूषण तथा धनं का लाभ ।
शुक्र पर मित्र दृष्टि फल-पट्ट वन्ध तथा देश लाभ आदि हो ।
शनि पर भिन्न ग्रहों कीं दृष्टि
(१) मंगलक्षेत्री शनि पर दृष्टि
सूर्यं की-भैस, गाय, बकरी भेंड की समृद्धि वाला, खेती के काम में सदा सत्पर ।
चन्द्र की-नीच संगति वाला, चपल, दुष्ट शील, खल, दुःखी भौर धन रहित ।
मंगल की-प्रहुत बोलने वाला, सम्पदा रहित, कार्यनाशक, धनहीन।
बुध की-चोरी करने वाला, कलह में तत्पर, स्त्री और उत्सव रहित ।
गुरु की-सुखी, धनयुक्त, राजा ग मन्त्री, राजां के आश्रय से मुख्यता को प्राप्त ।
शुक्र की-बहुत यात्रा करने वाळा, कांतिहीन, पापिनी स्त्री में आसक्ति से दुःखी ।
(२) शुङ्ग क्षेत्री शनि पर दृष्टि
सूर्य की दृष्टि-विद्या के विचार में अधिक, बड़ा चक्ता, परायो अन्न खाने वाला,
धनहींन, शान्त ।
चन्द्र की-राजा की कृपा से वड़े अधिकार को प्राप्त, स्त्री भूषण तथा वस्त्र
सोख्य को प्राप्त, बलवान ।
मंगल की-युद्ध के हाम में तत्पर, निरन्तर बहुत बोलने वाला, बड़ी कृपा वाळा।
बुध की-स्त्री में तत्पर, नीच पुरुषों का संग, विनोद ओर हास्य में तत्पर, धनहीन;
हिजड़ों से मित्रता 1
गुरु की-पराये उपकार में चित्त, दूसरों के दु:ख से दुःखी, दाता और उद्योगी ।
शुक्र की-रत्न आदि पदार्थो क! लाभ, स्त्री के बिलास में तत्पर, पानी की
अधिकता वाला, राजा से गौरव प्राप्त ।
(३) बुधक्षेत्री शनि पर दृष्टि
सूर्य की-सुख रहित, नीचों में तत्पर, क्रोधी, अधर्मी, वैर करने वाला, धर्मवान् ।
चन्द्र की-प्रसन्न मृति, राजा की कृपा से अधिकार क्रो प्राप्त, ऊँचे कार्यों में
प्रबृत्ति करने वाला, स्त्रियों के अधिकार को प्राप्त ।
मंगल को-बड़ा डुद्धिमान्, निरन्तर विधि को जानने वाला, प्रसिद्ध, गंभीर।
बुध की-धन युक्त, सुन्दर बुद्धि, नम्रता सहित, गीत प्रिय, संग्राम के कार्य में
चतुर, शिल्प का ज्ञाता ।
गुरु की-राजा का आश्रय करने वाला, सुन्दर गुणों से युक्त सत्पुरुषो का प्यारा,
गुप्त धनवान् ।