भारतकोश
सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

सचित्र ज्योतिष शिक्षा भाग २

Sachitra Jyotisha Shiksha Vol 2

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished454 पृष्ठ

पृष्ठ 401, कुल 454 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 401

नाभस आदि योगः ३९१

२. शकट योग- केन्द्र

३, विहंग योग--चतुथं और दशम में ४. श्युगाटक योग--लग्न, पञ्चम सब ग्रह हों । ओर नवम में सब ग्रह हों ।

५. हुल योग--लग्न छोड़कर परस्पर त्रिकोण में सब ग्रह हों।

इसके ३ भेद हैं (१) २, ६, १० स्थान में सब ग्रह ।

(२) ३, ७, ११ स्थान में सब ग्रह ।

(३) ४, ८, १२ स्थान में सब ग्रह ।